
जुगनू तंबोली

रतनपुर – शहर के शक्तिपीठों व मंदिरों में शारदीय नवरात्र का पर्व शनिवार 17 अक्टूबर से मनाया जाएगा। मां महामाया देवी मंदिर में 21 हजार मनोकामना के दीप प्रज्ज्वलित होंगे। मंदिर परिसर के 10 कमरों में प्रज्ज्वलित मनोकामना दीप की निगरानी 150 सेवक करेंगे। महामाया मंदिर में नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गई है। शारदीय नवरात्र का पर्व शनिवार 17 अक्टूबर से शुरू होगा। सुबह 11 बजकर 21 मिनट से धूप परिक्रमा के बाद घट स्थापना, देवी षोडशोपचार पूजन व मनोकामना ज्योति कलश का प्रज्ज्वलन होगा। इसके साथ ही दूर्गा सप्तसती, श्रीमद भागवतादि पाठ, शतचंढी पाठ प्रारंभ् होगा। मंदिर में नवरा़त्रि पर्व के दौरान हर रोज पूजा प्रभात आरती 6 बजे, मध्यांहन भोग आरती दोपहर 12 बजे, देवी श्रोत चालीसा पाठ शाम 7 बजे व महा आरती रात 8 बजे होगा। वही शनिवार 24 अक्टूबर को सुबह 9 बजे महाष्टमी हवन पूजन व दोपहर 1 बजके 30 मिनट में पूर्णाहुति यज्ञ शांति पुष्पांजलि होगी। रविवार 25 अक्टूबर सुबह साढ़े 6 बजे राजसी श्रृंगार व महानवमी पूजन होगा। इसके बाद साढ़े 10 बजे राजसी भोग नैवेद्य कन्या_ब्रम्हभोज होगा। दोपहर मनोकामना ज्योति कलश का विसर्जन किया जाएगा।सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट ने नवरा़त्रि की तैयारियां पूरी कर ली है। मैनेजिंग ट्रस्टी सुनील सोंथलिया ने बताया मां महामाया मंदिर में 21 हजार तेल और धी के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होगे। इसकी व्यवस्था 10 कमरों में की गई है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते नवरात्र में भक्तो को माँ के दर्शन नही होंगे। माँ के भक्तों के लिए ऑनलाईन दर्शन की व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट के द्वारा की जा रही है। माँ के भक्त फेसबुक व यूट्यूब के माध्यम से माँ के दर्शन लाभ ले सकेंगे।