
जुगनू तंबोली

रतनपुर – रेलवे में आरक्षक के पद पर कार्य करते हुए एक युवा ने दूसरे अन्य युवाओ को आत्मनिर्भर बनाने मुहिम शुरू की है, इसी मुहिम का असर है कि आज सैकड़ो युवा शिक्षा के प्रति जागरूक हुए है और जो शिक्षित है वह उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे है।

आरक्षक मनीष कुमार यादव ने वर्ष 2000 में अपनी नौकरी की शुरुआत भुसावल महाराष्ट्र में शुरू की जहां नौकरी करते हुए उन्होंने वर्ष 2006 से युवाओ के प्रति कार्य करना शुरू किया उन्होंने पहले गाँवो में नशा मुक्ति के लिए मुहिम चलाई,

फिर युवाओ को इस अभियान में शामिल किया, इसके बाद उन्होंने नौकरी प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए फिजिकल ट्रेंनिग देनी शुरू की जिसके भरोसे ही कई युवा पुलिस, सेना और अन्य जगहों पर नौकरी कर रहे है। वही अपने साथी भरत यादव जो आरपीएफ में पदस्थ हैं के साथ खेल के प्रति भी युवाओं को इसी तरह अभ्यास कराते रहते हैं। जिससे लोगों में खेल की भावना, अनुशासन से प्रेरित होकर वे अपने भविष्य को संवार सके।

इसी क्रम में उन्होंने रविवार को रतनपुर क्षेत्र के ग्राम कर्रा स्कूल मैदान में निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जहाँ क्षेत्र के सैकड़ो युवाओं ने हिस्सा लिया, प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य था कि युवाओ को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह ही अनुभव प्राप्त हो और वह और भी बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सके, अपने आप को आंकने के साथ ही बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य यहाँ किया गया।

जिसमें सभी विषयों पर ऑप्शनल सवाल पूछे गए, जिसमें बेलतरा की ही शालिनी जायसवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 2100 रुपए का पुरस्कार प्राप्त किया वही शिवानी जायसवाल ने दूसरा स्थान और दीक्षा यादव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया जिन्हें भी प्रोत्साहित करते हुए नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। मनीष कुमार और उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य यह है कि हमारे युवा जागरूक हो जिससे कि वह आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार गांव क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें साथ ही वे अपने स्वयं के पैरों में खड़े होकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सकें।