छत्तीसगढ़बिलासपुर

कलेक्टर की पहल से जेल में बंद खुशी को मिली उसकी खुशी , अब परवाज को तैयार

सत्याग्रह डेस्क

केंद्रीय जेल का निरीक्षण करने गये कलेक्टर से छह साल की खुशी बोली बाहर बड़े स्कूल में पढ़ना चाहती हूं तो कलेक्टर ने कराया इंटरनेशनल स्कूल में एडमिशन
मां है नहीं और पिता केंद्रीय जेल में काट रहे हैं दस साल की कैद

जी हां। छोटी सी खुशी जेल की बड़ी-बड़ी दीवारों के बाहर खेलना चाहती है। जेल में लगे बड़े दरवाजे से कहीं बहुत बड़े उसके सपने हैं। जेल की सलाखें के बीच से झांकने पर उसे दोस्त नहीं बल्कि सामने की बैरक की सलाखें ही नजर आती हैं। खुशी महज छह साल की है। खुशी खुश ही रहती है क्योंकि उसे अतीत पता नहीं है। वह जब पंद्रह दिन की थी तभी उसकी मां की पीलिया से मौत हो गयी थी। पिता एक अपराध के लिये जेल में सजायफ्ता कैदी है। पांच साल की सजा काट ली है अभी पांच साल और जेल में रहना है। पालन-पोषण के लिये घर में कोई नहीं था इसलिये खुशी को भी जेल में पिता के पास ही रहना पड़ रहा था। जब वह बड़ी होने लगी तो उसकी परवरिश का जिम्मा महिला कैदी को दे दिया गया। वह जेल के अंदर ही संचालित प्ले स्कूल में पढ़ती है। लेकिन खुशी जेल की आवोहवा से आजाद होना चाहती है। अपने जैसे बाकी बच्चों के साथ खेलने का मन करता है। उसका सपना है कि वह जेल के बाहर किसी बड़े स्कूल में पढ़े। संयोग से खुशी के जीवन में आज वो पल आ गया। दरअसल कलेक्टर डॉ संजय अलंग आज केंद्रीय जेल बिलासपुर के निरीक्षण के लिये पहुंचे। वे निरीक्षण करते हुये महिला सेल में पहुंचे तभी उनकी नजर महिला कैदियों के पास बैठी खुशी पर पड़ी। डॉ अलंग ने खुशी से पढ़ाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह बाहर पढ़ना चाहती है। यहां उसका मन नहीं लगता है। खुशी की बात सुनकर कलेक्टर भावुक हो गये और उन्होंने तत्काल उससे वादा किया कि वे उसका शहर के किसी बड़े स्कूल में एडमिशन कराएंगे। इसके साथ ही वह स्कूल के ही हॉस्टल में रहेगी जहां उसके लिये तमाम सुविधाएं मौजूद रहेंगी। डॉ अलंग ने तत्काल शहर के स्कूल संचालकों से बात की और जैन इंटरनेशनल स्कूल के संचालक खुशी को एडमिशन देने तैयार हो गये। लायंस क्लब भी खुशी के एडमिशन में सहयोग करने आगे आया है। जेल में सजा काट रहे खुशी के पिता भी खुशी को हॉस्टल में रहकर बड़े स्कूल में दाखिला दिलाने के लिये राजी हैं।

इस संबंध में कलेक्टर ने जेल प्रशासन, महिला बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिये हैं । कलेक्टर की पहल पर जैन इंटरनेशनल स्कूल एडमिशन प्रभारी ने जेल प्रशासन से संपर्क किया और खुशी का पहली क्लास में एडमिशन के लिये प्रक्रिया शुरु कर दी। उन्होंने बताया कि 17 जून से स्कूल खुलते ही खुशी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेगी। खुशी के लिये विशेष तौर केयर टेकर का भी इंतजाम किया जाएगा।

कलेक्टर ने खुशी जैसे और भी बच्चों के लिये समाज के लोगों से आगे आने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि माता या पिता की सजा के साथ बच्चों को मजबूरी में जेल में रहना पड़ता है। सामाजिक संस्थाएं यदि ऐसे बच्चों की मदद के लिये आगे आएं तो बच्चों का भविष्य संवारा जा सकता है।

error: Content is protected !!
Letest
मस्तूरी : ट्रांसफार्मर में मरम्मत के दौरान युवक की हुई थी मौत.. सुरक्षा संसाधनों के अभाव में कार्य क... रेलवे स्टेशन के पास अवैध रूप से गांजा लेकर खड़े 2 आरोपी गिरफ्तार....कब्जे से 4 लाख का गांजा बरामद मस्तूरी क्षेत्र के राशन दुकान संचालन के लिए मंगाए जा रहे आवेदन.... 19 सितम्बर तक अंतिम समय निर्धारित जुआरियों की महफ़िल में पुलिस की छापेमारी...मौके से 7 जुआरी गिरफ्तार, नगदी और ताशपत्ती जब्त मस्तूरी: नवविवाहिता को जबरन कीटनाशक पिलाकर मारने की कोशिश....पति सहित ससुराल वालों पर अपराध दर्ज ग्राम पंचायत बरेली में सीसी सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन, कांग्रेस नेता अरविंद लहरिया रहे शामिल मस्तूरी:- घर से अचानक गायब मासूम हिमांशु की 15 km. दूर नहर में मिली लाश फर्जी एजेंसी के नाम पर 23.50 लाख की ठगी....शहर का युवा व्यवसायी बना शिकार, सिटी कोतवाली पुलिस ने किय... मस्तूरी : डेढ़ वर्षीय मासूम 30 घंटे से अधिक समय से लापता...नहर में डूबने की आशंका, तलाश जारी शादी का झांसा देकर शोषण.... गर्भवती होने पर कराया गर्भपात, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार