
मामला बेलगहना पुलिस चौकी के पास दार सागर चौक का है, जहां गौ तस्करी की अफवाह के चलते ड्राइवर और खलासी की पिटाई हो गई

सत्याग्रह डेस्क
इन दिनों गौ तस्करी करने वालों पर गौ सेवकों का कहर टूटता है। इसके बावजूद भी चोरी छुपे मवेशियों की तस्करी जारी है ।उत्तर प्रदेश की ट्रक क्रमांक up78 सी एन 9831 में 23 मवेशियों को ले जाने की सूचना के बाद पुलिस ने ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ना चाहा लेकिन पुलिस को देख कर ट्रक के चालक जाहिर आलम और हेल्पर मोहम्मद हसनैन तेज गति से भागने लगे। पुलिस की घेराबंदी से भागने की कोशिश में ट्रक चालक ने रिवर्स गियर में अपनी गाड़ी डाल दी जिससे दो बाइक सवार एक ट्रेलर और स्वराज माजदा से उसकी टक्कर हो गई ।इस टक्कर में कुछ लोग घायल हो गए।

जिसके बाद यह खबर आग की तरह फैल गई कि गौ तस्कर पकड़े गए हैं। दुर्घटना और गौ तस्करी के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और ड्राइवर और हेल्पर की पिटाई शुरू कर दी । लोगों ने मार मार कर दोनों को अधमरा कर दिया। वह तो सही समय पर रतनपुर पुलिस पहुंच गई वरना इन दोनों की जान भी जा सकती थी। जब ट्रक को खोला गया तो उसमें गाय नहीं बल्कि 23 के करीब भैंसे थी । यानी मामला गौ तस्करी से नहीं जुड़ा था, लेकिन फिर भी भागने की कोशिश में जाहिर आलम और मो हसनैन ने जिस तरह से दुर्घटना को अंजाम दिया उसके चलते उन्हें यह सजा भुगतनी पड़ी।

पुलिस ने दोनों को छुड़ाया और उनके इलाज के लिए उन्हें सिम्स में दाखिल कराया है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों चालक और हेल्पर की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है । मामला बेलगहना पुलिस चौकी के पास दार सागर चौक का है, जहां गौ तस्करी की अफवाह के चलते ड्राइवर और खलासी की पिटाई हो गई। मवेशी तस्कर रतनपुर से 23 भैंस कंटेनर में भरकर उन्हें कानपुर से जा रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद रतनपुर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा पकड़े गए चालक और सह चालक के पास से 32,500 रुपए और 5 मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किया है दोनों के खिलाफ दुर्घटना और पशु तस्करी का अपराध पंजीबद्ध कर उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है