
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – दूसरे राज्य में जमीन दिलाने के नाम से लाखों की ठगी करने वाले ठग गिरोह को सिविल लाइन पुलिस ने पकड़ने में सफलता पाई है। जिसका खुलासा करते हुए सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि पूर्व में जरहाभाठा निवासी संतु बंजारे ने उत्तर प्रदेश में जमीन दिलाने के नाम पर बेमेतरा निवासी महेंद्र बंजारे द्वारा 43 लाख की ठगी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रार्थी ने बताया था। कि विगत दो महीने पूर्व ही वो महेंद्र बंजारे के सम्पर्क में आया था। जिसने संतु बंजारे को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में 135 बीघा जमीन 43 लाख में मिलने की जनकारी दी। जब संतु ने इस जमीन को खरीदने पर सहमति जताई तो महेंद्र बंजारे ने उत्तर प्रदेश से नौशाद खान और वसीम खान को बिलासपुर बुलाया जिसका परिचय जमीन दलाल के रूप में कराया गया।

जिसके बाद एग्रीमेंट कर उक्त जमीन का पक्का सौदा किया। पैसा लेने के कुछ दिन बाद जब संतु ने रजिस्ट्री करने कहाँ तब वह लोग गोलमोल जवाब देने लगे। जिसके बाद प्रार्थिया को खुद के ठगे जाने का एहसास होने के बाद संतु बंजारे ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी झनेंद्र महिलांग उत्तराखंड में रहने वाले साथी मोहम्मद आजाद के साथ कुछ फर्जी दस्तावेज लेकर फिर किसी को ठगने की इरादे से जरहाभाटा के एक किराए के मकान में ठहरा हुआ है। जिसके बाद पुलिस की दबिश के बाद झनेंद्र महिलांग को हिरासत में ले लिया। जहां महेंद्र बंजारे और गोरेलाल बंजारे भी मौजूद मिले। जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तब जाकर खुलासा हुआ कि इस पूरी ठगी का मास्टरमाइंड झनेंद्र महिलांग ही था। जो फ़र्जी दस्तावेज के सहारे अपने साथियों के साथ मिलकर संतु बंजारे से 43 लाख की ठगी की थी। इस षड्यंत्र में झनेंद्र महिलांग के अलावा गोरेलाल, महेंद्र बंजारे नौशाद खान, वसीम खान भी शामिल थे। जबकि मामले के सहअभियुक्त नौशाद खान, वसीम खान, सखाराम दोण्डे और इकबाल उर्फ बाला अभी पुलिस की पहुंच से बाहर है।
फिर मस्तूरी में ठगी की थी तैयारी पुलिस ने धरा दबोचा

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला की सभी आरोपीयो ने सहारनपुर की एक जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर यह सभी लोगों को ठगा करते थे। इन्हीं लोगों ने अपना शिकार मस्तूरी निवासी गोपेश्वर साहू को भी बनाया था और दूसरे शिकार की तलाश में थे। लेकिन इनके मंसूबे पूरे होने से पहले ही सिविल लाइन पुलिस ने इनका पर्दाफाश कर दिया।