
जुगनू तंबोली
रतनपुर – रतनपुर में वन विकास निगम द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। खंडोबा मंदिर के पास एक अवैध दुकान को तोड़ने पहुंची टीम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार, वन विकास निगम की टीम बिलासपुर से रतनपुर पहुंची और मंदिर के समीप स्थित एक दुकान को अवैध कब्जा बताते हुए हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

जैसे ही बुलडोजर चला, संबंधित अतिक्रमणकारी ने इसका विरोध किया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद स्थानीय लोग भी इकट्ठा हो गए और माहौल गर्मा गया। स्थानीय नागरिकों और अतिक्रमणकारी का आरोप है कि पूरे रतनपुर क्षेत्र में वन विकास निगम की जमीन पर सैकड़ों अवैध कब्जे मौजूद हैं। इनमें पक्के मकान, दुकानें और यहां तक कि प्लॉटिंग भी शामिल है।

इसके बावजूद कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति पर होना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। पीड़ित अतिक्रमणकारी ने वन विकास निगम के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उससे कथित रूप से पैसों की मांग की गई थी और जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तभी उसकी दुकान को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी हलचल रही और लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। कई लोगों ने इसे पक्षपातपूर्ण कदम बताते हुए प्रशासन से पूरे क्षेत्र में समान रूप से कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद रतनपुर में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। सैकड़ों में एक पर कार्रवाई जैसी स्थिति ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग आगे सभी अवैध कब्जों पर एकसमान कार्रवाई करता है या यह विवाद और गहराता है।