
आलोक
आमतौर पर लोग भले ही घरों में परिंदों को पालने का शौक रखते हैं लेकिन परिंदों की खरीद-फरोख्त और उन्हें पिजरों में कैद कर पालना, दोनों ही कानूनी जुर्म है और यही जुर्म करने पर गुरुवार को कार्यवाही की गई।
गुरुवार को भोपाल दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस में अनूपपुर से बिलासपुर के बीच ट्रेन के एच ए 1 कोच एवं जनरल कोच के बीज आरपीएफ ने पक्षियों का शोर सुना । चेकिंग के दौरान पता चला कि 3 कार्टून नुमा जाली को कपड़े से ढककर छुपा कर लाने की कोशिश की जा रही थी । जब उसे खोल कर तलाशी ली गई तो पिजरों में 100 के करीब तोते मिले। बताया जा रहा है कि इस इलाके में अक्सर शिकारी इसी तरह जंगलों से तोता पकड़कर ट्रेन के माध्यम से बिलासपुर पहुंचते हैं और तोतों को भारी कीमत में यहां बेचा जाता है।
अमरकंटक एक्सप्रेस में तोता पकड़े जाने के बाद लोगों से उस के मालिक के संबंध में पूछताछ की गई लेकिन कोई भी सामने नहीं आया जिसके बाद तोतों से भरे तीनों पिजरों को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट बिलासपुर लाया गया। क्योंकि मामला वन विभाग से संबंधित था इसलिए रेलवे पुलिस ने अग्रिम कार्यवाही के लिए सभी तोतों को वन विभाग के हवाले कर दिया है। अब वन विभाग फैसला करेगा कि तोतों को जंगल में छोड़ देना है या फिर उन्हें कानन पेंडारी में रखा जाना है।