
उदय सिंह
मल्हार– लंबे समय से प्रतीक्षित मल्हार महोत्सव को लेकर आखिरकार सहमति बन गई है। पिछले करीब 8 वर्षों से नगरवासियों को महोत्सव के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा था, लेकिन इस वर्ष प्रशासन ने पहल करते हुए आयोजन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। इसके साथ ही 25 मार्च से 31 मार्च के बीच भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाने की रूपरेखा तय कर ली गई है। गौरतलब है कि बीते वर्षों में विभिन्न समितियों के बीच आपसी खींचतान के चलते महोत्सव का आयोजन लगातार टलता रहा। पिछले वर्ष भी प्रयास किए गए थे और तोखन साहू की पहल पर महोत्सव की राशि बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई थी, जिसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। इसके बावजूद समितियों में समन्वय की कमी के कारण आयोजन नहीं हो सका।इस बार बार-बार की बैठकों में उत्पन्न विवादों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त निर्णय लेते हुए आयोजन की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। अब किसी निजी समिति के बजाय प्रशासनिक अमला ही महोत्सव का संचालन करेगा।

आयोजन के लिए बनाई गई समिति में मस्तूरी एसडीएम को अध्यक्ष, तहसीलदार मस्तूरी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। साथ ही तीन गैर-शासकीय सदस्यों को भी जोड़ा गया है, जिनमें नगर पंचायत मल्हार के अध्यक्ष, बिलासपुर लोकहित सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष और मल्हारगढ़ लोक कला सांस्कृतिक विकास मंच के अध्यक्ष शामिल हैं।प्रशासनिक और गैर-शासकीय सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित कर महोत्सव को सफल बनाने की तैयारी की जा रही है।

वही आज के अहम बैठक मस्तूरी स्थित एसडीएम कार्यालय में संपन्न हुई जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों सहित नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी धनेश्वर केवर्त, पार्षद मिलूराम केवर्त, भाजपा मल्हार मंडल महामंत्री राजकुमार वर्मा, हेमंत सोनू तिवारी, धनेश्वर केवर्त, प्रेमलाल जायसवाल, बहोरन केवर्त, राजेश पाटले, सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।वर्षों बाद महोत्सव के आयोजन को लेकर मल्हार क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और नगरवासी इस सांस्कृतिक आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।