
डेस्क

पता ही नहीं चला कब इनसे रिश्ता बन गया हमारा
हम अक्सर इनके लिए खाना लाया करते थे इनके आसपास तब भी कोई नहीं हुआ करता था जो ये कह सके कि ये मेरा बेटा , मेरी माँ मेरी बहन या मेरा भाई है
हमने सिर्फ रोटी का नहीं बल्कि इनसे दिल का रिश्ता जोड़ा..
-ख्वाब इंडिया फाउंडेशन

रक्षाबंधन के मौके पर सब अपने और अपनों के साथ रक्षाबंधन मना रहे थे इसी दौरान ख्वाब इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों ने सोचा कि वे जिन लोगों तक खाना पहुँचाते आये हैं क्यों ना उन्हें इस प्यार की डोर से बांध कर उसे एक रिश्ते का नाम दिया जाए
इसके बाद ख्वाब इंडिया फाउंडेशन की सारी टीम सुबह से निकली उन सब तक ख्वाबों की राखी लेकर जिनका इस दुनिया मे कोई नहीं… ना भाई ना बहन !
रेल्वे स्टेशन और आसपास रहने वाले उन सब के लिए शायद ये किसी ख्वाव से कम भी नहीं था कि ये अनजान अजनबी युवा कैसे और कब उनके अपने भाई बहन बन गए !
ख्वाब इंडिया की टीम में शामिल हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्म समाज के युवा स्टेशन के आसपास फैल गए और अकेले बैठे उन लोगों के पास बैठकर पहले उनका हाल जाना उनसे उनके रिश्तेदारों की जानकारी ली
हर एक कि एक अपनी दुख भरी कहानी थी…. कोई अनाथ था कोई घर छोड़ आया था किसी को घर से निकाला गया था !

उन्ही में से एक लड़का ऐसा भी मिला इन्हें जिसने राखी अपनी जेब मे रखी हुई थी ये सोचकर कि काश कोई मुझे भी राखी बांध देता
जब ख्वाब इंडिया की लड़कियां उसके पास गईं तो वो रोने लगा और उसने कहा शायद आज मैं खुद को अधूरा मानता अगर मेरी कलाई सुनी रह जाती तो !
स्टेशन पर खेल रहे बच्चों , बाहर से आए यात्रियों को , आसपास भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले लोगों को भी ख़्वाब इंडिया ने राखी के पवित्र बंधन ख्वाबों की राखी से खुश कर दिया !
मिठाई के साथ-साथ मुस्कुराहट भी बांटी ख्वाब इंडिया ने … सुबह से शाम तक चले इस कार्यक्रम में सब का मन भर आया था…. सारा शहर अपने अपने घरों अपने अपने रिश्तों के साथ आज़ादी का जश्न और रक्षाबंधन मना रहे थे और ये 21 युवाओं की टोली लोगों को ख्वाबों की राखी के बहाने खुश करने अपने घरों से निकले थे !
इसके बाद टीम ख्वाब इंडिया निकली तिफरा के समर्पित ओपन शेल्टर होम में वहां के बच्चों की कलाई पर भी ख्वाबों की राखी बांधी उनके साथ त्योहार मनाया नाच गाना खेल इत्यादि मनोरंजन किया सबने उन बच्चों का !
इस कार्यक्रम में ब्रैंडन डिसूज़ा , अमल जैन , अंजली बरनवाल , कमल आर्य , इशिता चक्रवर्ती , सृजन वैष्णव , मनीषा त्रिपाठी , रूपेश कुशवाहा , जैनिश , दिव्या , मृदु आनंद , हिमांशी तिवारी , श्रुति , मितजी माहेश्वरी , अखिला आदि शामिल थे !