
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – जिला प्रशासन, राज्य सरकार व केंद्र सरकार सभी आम जनता से अपील कर रही है कि सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करें और भीड़ भाड़ की स्थिति उत्पन्न नहीं करें। लेकिन सरकारी महकमा में इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। सबसे विकट समस्या सिम्स हॉस्पिटल की है। जहाँ मरीजो को दी जा रही रियायतो का दुरपयोग किया जा रहा है। वैसे तो सिम्स हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के ओपीडी के लिए सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करने मार्क बनाए गए हैं। लेकिन बड़ी संख्या में हॉस्पिटल पहुँचने वाले मरीज ही नियमों को ताक में रख कर अपने साथ साथ दुसरो के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे है। ऐसा इस लिए कहा जा रहा है। क्योंकि सर्दी खांसी जैसे संक्रमण से पीड़ित अन्य प्रांतों से आए मरीजो के साथ एकत्रित हो रहे है। जिससे भारत के संभावित प्रसार से इंकार नहीं किया जा सकता है। सिम्स हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मियों को सुरक्षा के नाम पर एक मात्र डिस्पोजेबल मास्क दिया जा रहा है इसके अलावा उनके पास अपनी कर्मियों को सुरक्षित करने का कोई साधन नहीं है। जिससे संक्रमण के फैलने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
लाउडस्पीकर से एलाउसमेंट के बाद भी नहीं पड़ा फर्क..

कोरोना ओपीडी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने सिम्स प्रबंधन पर्ची कटने के बाद आवश्यक जानकारी दी जा रही है। जिसमें मरीजों के नाम लेकर एलाउसमेंट किया जा रहा है। ताकि मरीज अपना नंबर आने के बाद नाम सुनते ही ओपीडी कक्ष पहुँच कर अपना जांच करा रहें सके। लेकिन इसका भी कुछ खास असर धरातल में देखने को नही मिला।
सर्दी खासी के सामान्य मरीजो के सुरक्षा के मद्देनजर हो सकते है। बदलाव!

सिम्स हॉस्पिटल में विदेश यात्रा के साथ प्रवासी यात्री भी बड़ी संख्या के इनदिनों अपनी जांच कराने पहुँच रहे है। इनके बीच अंचल के सर्दी खांसी के मरीज भी कोरोना ओपीडी में इलाज के लिए दर्जनों की संख्या में आ रहे है। जिनके बीच सोशल डिस्टेंस को मेंटेन नही हो पा रहा है। इसको लेकर मिडीया के माध्यम से सिम्स प्रबंधन को आवगत कराया गया है। जिससे बाद आगामी दिनों से हॉस्पिटल परिसर में दो ओपीडी लगाने की बात डॉक्टर कर रहे है।