
भुवनेश्वर बंजारे

मस्तूरी – जिले में लगातार बढ़ रहे अपराध के ग्राफ को रोकने सामुदायिक पुलिसिंग कर आम जनता के बीच समन्वय स्थापित करना बहुत ही जरूरी है। जिसको लेकर समय समय पर स्थानीय पुलिस प्रयास करती है। इसी बीच सोमवार को मस्तूरी पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग को आसान बनाते हुए, मानवीय काम किया है। मस्तूरी पुलिस के ना सिर्फ राह से भटके अबोध दो बालको की मदद की बल्कि उन्हें सकुशल घर तक पहुचाया है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को मस्तूरी पुलिस पेट्रोलिंग पर थी। इस दौरान दो अबोध बालक बस स्टैंड किरारी के पास घूमते हुए मिले। जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे पामगढ़ से मूलमुला जाने के लिए निकले थे। परंतु भूलवश वह मस्तूरी तक आ गए हैं। जिसके बाद उनकी मदद के लिए मस्तूरी पुलिस ने पामगढ़ थाना प्रभारी से बात कर बच्चो के घर और उनके परिजनों की जानकारी ली। जिनसे संपर्क करने में परिजनों ने बताया कि उनके पास यातायात के साधन नहीं है। इस विपरीत परिस्थितियों में थाना प्रभारी फैजुल शाह ने मानवीय निर्णय लेते हुए अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को अबोध बालको को सकुशल घर तक पहुचाने निर्देश दिया। जिसके बाद पेट्रोलिंग टीम ने अबोध बालकों को पामगढ़ उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाया। मालूम हो जिले में अपराधियों के गर्दिश के बीच मौजूदा परिवेश में सामुदायिक पुलिसिंग एक सकारात्मक अवधारणा है जो पुलिस और जनता के बीच की खाई को पाटने का काम करती है। ऐसे में पुलिस के इन कार्यो से सकारात्मक परिणाम मिलने की प्रबल संभावना रहती है। लेकिन अब भी सामुदायिक पुलिस व्यवस्था को संस्थागत बनाने के लिये प्रयास किए जाने की जरूरत समझी जा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार हो सके।