
रमेश राजपूत

बिलासपुर– तखतपुर क्षेत्र के जूनापारा में फर्जी मस्टर रोल भरने और मनरेगा कार्य मे अनियमितता को जांच में सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत कार्यालय ने रोजगार सहायक को बर्खास्त कर दिया है। वहीं सचिव को निलंबित करने और सरपंच के विरुद्ध पद से पृथक करने की कार्यवाही करने के आदेश दिए गए हैं।जिला पंचायत कार्यालय ने अलग-अलग आदेश और अनुशंसा जारी कर तख़तपुर जनपद के ग्राम पंचायत जूनापारा में मनरेगा के कार्य में मस्टररोल में फर्जी नाम डालने, मनरेगा मजदूरों से अन्य कार्य लेने जैसे आरोप जांच के बाद सिद्ध हो जाने पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

इसमें तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ ने जूनापारा के रोजगार सहायक को तत्काल बर्खास्त करने को कहा गया है। सचिव के लिए उपसंचालक पंचायत को निलंबन की अनुशंसा की गई है, वहीं अनुविभागीय अधिकारी से जूनापारा सरपंच को पद से पृथक करने की कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है। गौरतलब है कि कोरोना काल में लॉकडाउन लगने की वजह से बाहर से आए मजदूर क्वारंटाइन सेंटरों में रुके हुए थे, उस दौरान जूनापारा ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य कराए गए थे, इस कार्य में अनियमितता को लेकर युवा कांग्रेस नेता रामेश्वरपुरी गोस्वामी ने आरटीआई के तहत जानकारी निकलवाकर जनपद पंचायत में शिकायत की थी,

शिकायत में रामेश्वरपूरी गोस्वामी ने बताया था कि मनरेगा के कार्य के लिए बनाये गए मस्टररोल में ऐसे व्यक्तियों के नाम अंकित किये गए हैं, जो क्वारंटाइन सेंटरों में नहीं, बिलासपुर के संजीवनी हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारी हैं, जो कभी मनरेगा के काम करने आये ही नहीं है। इस तरह फर्जी मस्टररोल भरकर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है।