छत्तीसगढ़मरवाही

लोकसभा चुनाव से पहले बघेल ने खेला दांव, अपने सबसे बड़े विरोधी को दी पटखनी

बस इतना ही बचा है कि अब अजीत जोगी भी अपनी पत्नी और बेटे के साथ कांग्रेस में लौट आए लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रहते ऐसा कहीं से भी मुमकिन नहीं लगता।

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजीत जोगी के रिश्तों की तल्खी किसी से छुपी हुई नहीं है। कयास लगाया जा रहा था कि मंगलवार की किसान रैली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अजीत जोगी को पटखनी दे सकते हैं और हुआ भी वही। मंगलवार को छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी को बड़ा झटका लगा। उसके पांचों प्रत्याशियों की कांग्रेस वापसी हो गई। मरवाही में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान अजीत जोगी के बेहद विश्वसनीय माने जाने वाले विधानसभा चुनाव के 5 प्रत्याशियों ने फिर से कांग्रेस का झंडा उठा लिया ।अपने कट्टर विरोधी अजीत जोगी के किले में सेंध लगाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा दांव खेला और मंगलवार को सियाराम कौशिक, संतोष कौशिक, बृजेश साहू चेतराम और चंद्रभान बारामते की कांग्रेस वापसी करा दी। पिछले करीब 1 महीने से इन पांचों नेताओं के कांग्रेस प्रवेश की अटकलें जारी थी, हालांकि एक दिन पहले ही कैबिनेट के महत्वपूर्ण मंत्री टीएस सिंह देव बाबा ने पांचो नेताओं के कांग्रेस प्रवेश पर अप्रत्यक्ष रूप से आपत्ति जताते हुए कहा था कि भूपेश बघेल ने बड़ी मुश्किल से कांग्रेस में अनुशासन कायम किया है इसलिए ध्यान रहे ऐसे लोगों की पार्टी में प्रवेश में सावधानी बरती जाए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को मरवाही के किसान सम्मेलन में शामिल हुए। यहां उन्होंने एक और बड़ी घोषणा भी की । उन्होंने कहा कि जल्द ही राजस्व जिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और बघेल सरकार के कार्यकाल में ही पेंड्रा गौरेला मरवाही को जिला बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने वहां की जनता को एकमत होकर नाम पर विचार करने को कहा ताकि आगे चलकर किसी तरह का विवाद ना हो। कभी अजीत जोगी के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़कर जाने वाले पांचों नेताओं को कांग्रेस का गमछा ओढ़ाकर पार्टी प्रवेश कराया गया और मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते ।कुछ साथी गुमराह होकर पार्टी से चले गए थे क्योंकि किसी ने उन्हें सरकार बनाने का झूठा विश्वास दिलाया था उनकी सरकार बनी नहीं ।इसलिए गलती का एहसास होने पर पांचों नेताओं ने कांग्रेस में आने का इरादा किया। इधर मुख्यमंत्री ने टीएस सिंह देव के उस सलाह से भी अनभिज्ञता जाहिर की जिसमें उन्होंने गुण दोष के आधार पर ही प्रवेश दिलाने और जल्दबाजी न करने की बात कही थी । विधानसभा चुनाव के पांचो जोगी कांग्रेस प्रत्याशीयो के पार्टी छोड़कर चले जाने से पहले से ही कमजोर अजीत जोगी की पार्टी अब बेहद कमजोर नजर आ रही है । पूरी पार्टी कुनबे तक सिमट कर रह गई है। हार के बाद कार्यकर्ता भी साथ छोड़ चुके हैं । चुनाव के बाद से ही पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलनों से दूर नजर आ रहे हैं ।बस इतना ही बचा है कि अब अजीत जोगी भी अपनी पत्नी और बेटे के साथ कांग्रेस में लौट आए लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रहते ऐसा कहीं से भी मुमकिन नहीं लगता।

error: Content is protected !!
Letest
मल्हार: नारियल खरीदने के विवाद ने लिया खूनी रूप, धारदार कैची से पिता-पुत्र पर हमला, हालत गंभीर हैवानियत की हद....नाबालिग से दुष्कर्म...फिर गर्भपात कराकर पिता संग दी जान से मारने की धमकी..बाप- बेट... तीन राज्यों में जीत पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न.. ढोल-ताशों के साथ बांटी झालमुड़ी तखतपुर : गंदगी फैलाने के आरोप में बवाल... हरियाणा से आए हार्वेस्टर संचालकों पर हमला, रॉड-डंडों से बे... सुलह कराने गए युवक की हत्या...मोपका चौक हत्याकांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार माँ महामाया मंदिर में 150 बटुकों का सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न, नि:शुल्क आयोजन बना आस्था का केंद्र बिलासपुर : न्यायधानी में फिर खूनी खेल.... छोटे भाई को बचाने पहुंचे युवक की चापड़ से गला रेतकर हत्या,... क्रिकेट टीम की रंजिश में खूनी हमला...युवक पर कैची से जानलेवा वार, सरकंडा में सनसनी बिलासपुर:- जनगणना करने पहुँचे शिक्षक से मारपीट... जिले में पहला मामला, काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था... खाद बेचने के नाम पर ठगी का नया जाल… मस्तूरी क्षेत्र में किसानों से 1500 रुपए की एजेंट कर रहे अवैध वस...