
कार चालक यह मान कर चलते हैं कि यह नियम उनके लिए नहीं बने हैं ,शायद ही कोई कार चालक ऐसा होगा जो कार चलाने के दौरान मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल नहीं करता हो

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
कार चलाते समय इंस्टाग्राम पर स्टेटस अपलोड करने की कीमत बिलासपुर के एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। रात करीब 2:30 बजे रिंग रोड गोविंदम पैलेस के सामने सड़क हादसे में युवक की जान चली गई। सभी जानते हैं कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है लेकिन नई पीढ़ी ऐसी बातों को उपदेश मानती है और इन नियमों को तोड़ना उनके लिए फैशनेबल ,क्रांतिकारी कदम है ।उन्हीं सिद्धांतों पर चलने वाले ठेकेदार शीतांशु द्विवेदी की सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार की देर रात वह अपने कार से अपने कुछ दोस्तों को छोड़ने मंगला चौक गया था, वहां से वह नेहरू नगर अपने घर की ओर लौट रहा था ।तेज रफ्तार गाड़ी चलाने के दौरान वह लगातार इंस्टाग्राम में अपना स्टेटस भी चेक कर रहा था। इसी दौरान वह इंस्टाग्राम में स्टेटस अपलोड भी करता रहा। उसकी कार काफी तेज रफ्तार में थी।

अचानक सामने वाहन नजर आने पर उसने तेजी से ब्रेक लगाया ,जिससे उसकी कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और शीतांशु का सर सड़क से जा टकराया। रात करीब 2:30 बजे हुए सड़क हादसे में दुर्घटनाग्रस्त कार सीजी 10 एफ ए 8768 में फंसे चालक को देख कर लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी लेकिन पुलिस के पहुंचने तक हादसे में घायल युवक की मौत हो गई ।पुलिस ने युवक के परिजनों को भी इसकी सूचना दी। मृतक शीतांशु द्विवेदी नवभारत के पूर्व उप संपादक क्षितिज द्विवेदी का पुत्र था। सिम्स से जाने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ लोगों को लगता है कि वाहन चलाने के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी सिर्फ दोपहिया चालकों पर ही लागू होती है और हेलमेट लगाने से दोपहिया चालक दुर्घटना से बच सकते हैं । कार चालक यह मान कर चलते हैं कि यह नियम उनके लिए नहीं बने हैं ,शायद ही कोई कार चालक ऐसा होगा जो कार चलाने के दौरान मोबाइल का धड़ल्ले से इस्तेमाल नहीं करता हो। ऐसा कर वे सिर्फ अपनी जिंदगी के साथ नहीं खेल रहे, बल्कि सड़क पर से गुजरने वाले हर एक इंसान के लिए वे मौत का फरिश्ता बनकर सड़कों पर निकलते हैं । और इसके लिए कार चालकों को खुद जागरूक होना होगा।
