
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले में अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। थाना सिविल लाईन पुलिस और ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 45 लाख कीमत की नगदी, महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान प्रहार के तहत की गई। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर बड़े स्तर पर सट्टा खिलाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर तकनीकी टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रायपुर में दबिश दी गई। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश उर्फ राजा बजाज 34 वर्ष निवासी मोपका और प्रदीप खत्री 34 वर्ष निवासी मंगला शामिल हैं। इस मामले में पहले ही आरोपी मनोज पोपटानी को 21 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका था, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया था। फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजेश बजाज पर पहले 5000 का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी “रिक्की पैनल” के जरिए Aviator, Wingo, Casino, Horse Riding जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर सट्टा खिलाते थे। ये लोग ग्राहकों को टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़ते थे और लिंक भेजकर उन्हें गेम खेलने के लिए प्रेरित करते थे।

इस अवैध धंधे का संचालन न केवल बिलासपुर बल्कि रायपुर और अन्य बड़े शहरों से भी किया जा रहा था।आरोपियों ने सट्टा संचालन के लिए फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया। लेन-देन के लिए आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। मुनाफे का 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस को और 35 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय ब्रांच को दिया जाता था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 6,90,000 नगद, एचपी पवेलियन लैपटॉप, सैमसंग S25 अल्ट्रा, आईफोन 16 प्रो, आईफोन 17 प्रो जैसे महंगे मोबाइल, 5 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, कई एटीएम कार्ड, 2 रजिस्टर और चारपहिया वाहन जैसे होंडा सिटी, मारुति ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर तथा एक एक्टिवा जब्त की है।

बरामद रजिस्टरों में लाखों रुपये के सट्टे का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज मिला है। पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी मिले हैं, जिसकी गहन जांच जारी है। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। बिलासपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि ऐसे अवैध धंधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान “प्रहार” के तहत आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।