
धारा 302 और 307 के तहत सजा काट रहे आरोपी के शौचालय के अंदर खुदकुशी करने को जेल प्रबंधन की बड़ी नाकामी माना जा रहा है

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
मुंगेली उप जेल के शौचालय में कैदी ने फांसी लगाकर जान दे दी, जिसके बाद यहां हंगामा मच गया। मुंगेली जिले के फास्टर पुर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवागांव ठेलका निवासी 55 वर्षीय संतु धृतलहरे ने साल 2012 में अपने भाई की हत्या कर दी थी, साथ ही उसने अपनी मां को भी गंभीर रूप से घायल किया था। इसकी सजा वह मुंगेली उप जेल में काट रहा था। शनिवार रविवार की दरमियानी रात कैदी ने जेल के अंदर बने शौचालय में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली । इसकी सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर

पंचनामा कर लाश को जिला अस्पताल भेजा। धारा 302 और 307 के तहत सजा काट रहे आरोपी के शौचालय के अंदर खुदकुशी करने को जेल प्रबंधन की बड़ी नाकामी माना जा रहा है। इस घटना के बाद उप जेल के अधीक्षक जनक लाल पुरैना छुट्टी पर चले गए ।बताया जा रहा है कि कैदी का दिमागी संतुलन ठीक नहीं था जिसके सेंदरी स्थित मनो चिकित्सालय में इलाज की बात भी कही जा रही है। सवाल ये उठता है कि अगर कैदी की मानसिक स्थिति सही नहीं थी फिर उसे क्यों जेल में रखा गया और जेल में एक कैदी ने सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद कैसे फांसी लगा ली। मामले की जांच शुरू हो चुकी है ।