
जुगनू तंबोली

रतनपुर – न्यायधानी में शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा शिक्षको से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जहाँ छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस ने कोटा के प्रभारी बीईओ संजीव शुक्ला के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए, जिला कांग्रेस कमिटी को मामले को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही करने आग्रह किया है। उनका आरोप है। कि संजीव शुक्ला बीते डेढ़ सालों से कोटा में प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ है । इनका मूल पद व्याख्याता ( एल.बी. ) है । ये जब से कोटा में पदस्थ हुए हैं भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर चुके हैं। जिसकी कई बार मौखिक रूप से उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की गई है लेकिन उसका भी कोई सकारात्मक परिणाम नही मिल सका है। ऐसे में छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने शिक्षक हित मे निर्णय लेते हुए प्रभारी बीईओ के खिलाफ शिकायत की है। जिसके बाद अब कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों के दखलंदाजी के बाद मामले में उचित कार्यवाही की उम्मीद लगाई जा रही है।
6 बिंदुओं में कि गई शिकायत…
छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस द्वारा कोटा के प्रभारी बीईओ संजीव शुक्ला के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केसरवानी के समक्ष शिकायत की गई है। जिनमे संजीव शुक्ला पर आरोप है कि जी.पी.एफ. पासबुक सत्यापन , अवकाश स्वीकृति , जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिए हर प्रकार के आवेदन को फारवर्ड करना जैसे नियमित कार्यों के लिए 1000 से 5000 रूपये लेते हैं । बिना लेनदेन कोई भी कार्य नहीं करते है। वर्तमान में कोविड -19 के संकट के कारण विद्यालय पूरी तरह से नहीं खुले हैं ये विद्यालय जांच के नाम पर विद्यालय में जाकर शिक्षकों को धमकाकर कोई भी गलती निकालकर 2000 से 10,000 प्रति शिक्षक से ले रहे हैं । इसके अलावा अपने आप को एक भाजपा नेता का नाम लेकर कहते हैं मैं उसका रिस्तेदार हूँ और उसी के जैसा गुंडा हूँ । शिक्षकों एवं सफाईकर्मी से रे , बे जैसे भाषा का उपयोग करते हैं। वही इनकम टेक्स के लिए आवश्यक फार्म -16 जिसे देना इनका कर्तव्य है 500 से 1000 रू में कर्मचारियों को बेचते है। इधर भूपेश सरकार द्वारा उदारता पूर्वक घोषित सातवे वेतनमान का एरियर्स हर जगह भुगतान हो गया है । कोटा में शिक्षकों को तंग करने की नियत से नहीं दिया जा रहा है। इस पूरे कार्य में विकास खंड समन्वयक प्रमोद शुक्ला हर समय साथ देते है हर भ्रष्टाचार के सहभागीदार है।