
उदय सिंह
बिलासपुर– सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से हुई 3.35 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बिलासपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को ट्रेस करते हुए उत्तरप्रदेश तक पीछा किया, जहां मिर्जापुर में यूपी पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि अन्य आरोपियों ने घेराबंदी के बाद सरेंडर कर दिया।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक

वारदात के बाद आईजी रामगोपाल गर्ग स्वयं मौके पर पहुंचे और जांच की कमान संभाली। पुलिस ने शहर के आउटर ग्राम उरतुम के पास लूटी गई कार बरामद की। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज, टॉवर डंप, तकनीकी सर्विलांस और फिंगरप्रिंट मिलान (नेफिस डाटा) के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।जांच में सामने आया कि वारदात में प्रयुक्त बाइक और इको वैन चोरी की थीं। बाइक 13 फरवरी को मैनपाट से और सफेद इको वैन एक दिन पहले अकलतरा थाना क्षेत्र से चुराई गई थी।
10 टीमें, अलग-अलग जिम्मेदारी

लुटेरों की धरपकड़ के लिए 10 विशेष टीमें गठित की गईं।
टेक्निकल टीमें यूपी, बिहार और झारखंड रूट पर सक्रिय रहीं।एक टीम होटल-लॉज में ठहरने के सुराग जुटाती रही।
अन्य टीमें सीसीटीवी फुटेज, टॉवर लोकेशन, एफएसएल रिपोर्ट और संदिग्धों की धरपकड़ में लगी रहीं।
सीसीटीवी जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि गिरोह स्कॉर्पियो वाहन से कारोबारी का पीछा कर रहा था और कार छोड़कर उसी से फरार हुआ।
पुराने केस से जुड़े तार

सरकंडा में होटल व्यवसायी लखन लाल देवांगन उर्फ निटी से लूट के प्रयास के केस से भी इस गिरोह की कड़ी जुड़ी। उस मामले में एक आरोपी को मध्यप्रदेश के अनूपपुर से पकड़ा गया था, जबकि अन्य फरार थे। दोनों मामलों की कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस को अहम इनपुट मिला और टीम यूपी रवाना हुई।
मिर्जापुर में मुठभेड़

बिलासपुर पुलिस से मिले इनपुट पर यूपी पुलिस और एटीएस ने मिर्जापुर में संदिग्ध वाहन को घेरा। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने भागने के दौरान फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद अन्य आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आगे की कार्रवाई
मिर्जापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद बिलासपुर पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर उन्हें लाकर पूछताछ करेगी। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि लूट का कितना सोना और नकदी बरामद हुई है।