
उदय सिंह
बिलासपुर – सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में ज्वेलरी व्यापारी से हुई सनसनीखेज लूटकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के जेवर, नकदी, हथियार और घटना में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिया है। ग़ौरतलब है कि 17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी रोज की तरह दुकान बंद कर कार से अपने घर राजकिशोर नगर जा रहे थे। उनके पास दुकान की ज्वेलरी और नकदी भी थी। कॉलोनी के पास एक सुनसान मोड़ पर पहले से घात लगाकर खड़ी कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। जैसे ही वे नीचे उतरे, बदमाशों ने हथियार दिखाकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी और चार बैग में रखे करीब 2 किलो सोना, 200 ग्राम आभूषण, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और लगभग साढ़े तीन लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में नाकाबंदी कर विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, फॉरेंसिक जांच और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पता चला कि आरोपी वारदात के बाद उत्तर प्रदेश की ओर भाग गए हैं, बिलासपुर पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से मिर्जापुर जिले में घेराबंदी कर चार आरोपियों विनोद उर्फ बीनू, करीम खान, विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बिलासपुर में ही एक अन्य आरोपी इरफान अली को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए जेवर, नकदी, जिंदा कारतूस, हथियार और इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का मास्टरमाइंड विजय लांबा एक शातिर अंतरराज्यीय अपराधी है, जिसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने ही पूरी वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह पहले रेकी करता था और फिर सुनसान स्थान पर वारदात को अंजाम देता था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य राज्यों में हुई वारदातों से भी इनके संबंध खंगाले जा रहे हैं। इस सफल कार्रवाई में बिलासपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि तेजी से की गई समन्वित कार्रवाई के कारण इतनी बड़ी लूट का खुलासा संभव हो पाया।