आलोक
शुक्रवार को भारतीय रेल की पहली निजी भागीदारी से संचालित होने वाली तेजस एक्सप्रेस का संचालन लखनऊ से दिल्ली के बीच शुरू हुआ। आईआरसीटीसी के माध्यम से संचालित हो रहे निजी ट्रेनों में फिलहाल निजी टीटीई को रखा गया है। यानी इस ट्रेन में रेलवे के टीटी कार्य नही कर रहे है। बल्कि आईआरसीटीसी के कर्मचारी ट्रैन में टिकट चेकिंग करेंगे। इसी कड़ी में पहली निजी ट्रैन के संचालन से रनिंग स्टाफ में रोष है। क्योकि आने वाले दिनों में भारतीय रेल लोको पायलट,असिस्टेंट लोको पायलट,और गार्ड के पद को भी निजी हाथों में सौंपने जा रही है। जबकि जयपुर के रेलवे प्रशिक्षण केंद्र में निजी लोको पायलट की ट्रैनिंग भी शुरू हो गई है। निजी ट्रैन के संचालन के बाद बिलासपुर में लोको रनिंग स्टाफ के सदस्य सरकार के निर्णय के विरोध में आ गए है। जिसके मद्देनज़र शुक्रवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन में रनिंग स्टाफ और श्रमिक संगठन के सदस्यों ने स्टेशन स्थित गार्ड लॉबी से विरोध रैली निकाली। जो स्टेशन में स्थित टीटीई के कार्यालय पहुचकर समाप्त हुई। इस दौरान सदस्यों ने देश की सबसे बड़ी लाइफ लाइन माने जाने वाली रेलवे को निजी हाथों में सौंपने से कर्मचारियों के साथ आम जनता को भी नुकसान पहुचने की बात कही। क्योकि मौजूदा समय मे केंद्र सरकार टिकट पर सब्सिडी देती है। अगर यह व्यवस्था खत्म हो जाती है तो यात्रियों पर टिकट किराया का भारी बोझ पेडगा। भारतीय रेल में निजी ट्रैन के परिचालन से सबसे ज्यादा प्रभाव रनिंग स्टाफ पर ही पड़ेगा
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ऐसे में टीटीई के बाद आने वाले समय मे रनिंग स्टाफ जैसे ड्राइवर ,गार्ड को हटाकर निजी कर्मचारी रखे जाएंगे। ऐसे में रनिंग स्टाफ के सदस्यों ने सरकार को आगाह किया कि सरकार निजीकरण के अपने निर्णय को जल्द नही बदलती है तो हर क्षेत्र का रेल कर्मचारी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।