
अपने दादी के घर जाने से पहले राठौर परिवार ने बहुत कम कैश घर पर रखा था इसलिए नगद अधिक नुकसान नहीं हुआ लेकिन सोने चांदी के जेवरात के रूप में उन्हें बड़ी चोट जरूर पहुंची है
सत्याग्रह डेस्क
एक दिन पहले पुलिस ने मध्य प्रदेश से आकर बिलासपुर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था तो पुलिस को उम्मीद थी कि शहर के सूने मकानों में हो रही चोरियों की घटनाओं पर विराम लगेगा, लेकिन पुलिस की इस उम्मीद पर उस वक्त पानी फिर गया तब एक बार फिर सरकंडा क्षेत्र में चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया और लाखों के सामान पर हाथ फेर दिया। बिलासपुर की पुलिस परेशान हो चुकी है। एक तरफ वह पुरानी चोरी के मामलों में चोरों को गिरफ्तार करती है तो फिर से नए वारदात मुंह बाए खड़े हो जाते हैं। सरकंडा क्षेत्र में अब जो चोरी हुई है वह काफी कुछ उसी अंतरराज्यीय गिरोह की कार्यशैली से मिलती-जुलती है, तो फिर क्या इस गिरोह के ही सदस्यों ने इस घटना को अंजाम दिया ? यह सोचने का विषय है। खैर पहले यह जान लीजिए कि आखिर चोरी कहां हुई । मोपका विवेकानंद नगर में रहने वाले रविकांत राठौर पीएफ विभाग में पदस्थ है। जिनकी पदस्थापना रायपुर में है, वहीं उनकी पत्नी सुषमा राठौर शिक्षाकर्मी है, जो गतौरा के सरकारी स्कूल में रोज पढ़ाने जाती है। इस वजह से उनका मकान अक्सर सुना ही रहता है, लेकिन हैरानी इस बात की है कि इतने लंबे वक्त तक मकान सूना रहने के बावजूद उनके घर कभी चोरी की वारदात नहीं हुई, लेकिन जब उनका परिवार दादी के दशगात्र में शामिल होने 25 मई को खरसिया गया था ,तब चोरों ने पीछे से पूरे घर पर झाडू फेर दिया।
25 मई को एक दिन के लिए खरसिया गया परिवार अगले ही दिन यानी रविवार शाम 26 मई को घर पहुंचा तो देखा कि घर के सामने के दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। उन्हें यह समझने में एक पल नहीं लगा कि उनके पीछे उनके घर में चोरी हो चुकी है । हड़बड़ाए पति पत्नी घर में घुसे तो देखा कि सामान चारो और बिखरे पड़े हैं और अलमारी का लॉकर टूटा हुआ है ।उन्होंने घर की तलाशी ली पता चला कि चोर 3 तोला सोने के जेवरात, 4 तोला चांदी के जेवरात और 3000 रुपये नगदी अपने साथ ले गए हैं । रविकांत राठौर का परिवार लंबे वक्त से सरकंडा क्षेत्र के विवेकानंद नगर में रह रहा है और उनका आरोप है कि उन्होंने कभी पुलिस को अपनी कॉलोनी में गश्त करते नहीं देखा । यही वजह है कि विवेकानंद नगर में अक्सर चोरियां होती है और पुलिस हमेशा चोरी के बाद ही आकर आरोपियों की तलाश करती है। अगर पुलिस नियमित गश्त करें और सुरक्षा के प्रति सचेत रहे तो फिर ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। दशगात्र से लौटे राठौर परिवार ने चोरी की इस घटना के बाद सरकंडा थाने में मामला दर्ज कराया है। वैसे सरकंडा थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई अधिकांश चोरियों के पीछे नाबालिग चोरों का हाथ सामने आया है या फिर बाहरी गिरोह की भूमिका रही है। इस घटना में भी शक उन्हीं पर है, इसलिए पुलिस जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा कर रही है ।अपने दादी के घर जाने से पहले राठौर परिवार ने बहुत कम कैश घर पर रखा था इसलिए नगद अधिक नुकसान नहीं हुआ लेकिन सोने चांदी के जेवरात के रूप में उन्हें बड़ी चोट जरूर पहुंची है।