बिलासपुर

पत्रकार सुरक्षा कानून के पालन की मांग…आईजी, कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन, एफआईआर मामले में हो निष्पक्ष जांच,

रमेश राजपूत

बिलासपुर – पत्रकार के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को लेकर जिले के पत्रकारों ने मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पत्रकार सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। ज्ञापन में पत्रकारों ने बताया कि हाल ही में सिविल लाइन थाना के पुराने भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक आरक्षक वर्दी में सोता हुआ दिखाई दे रहा था, जबकि एक कमरे में शराब और बीयर की बोतलें रखी हुई नजर आ रही थीं। इस वीडियो को विभिन्न समाचार पोर्टल और मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पत्रकारों के अनुसार खबरों में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी शामिल किया गया था।
इसके बाद आरक्षक मनोज साहू और एक चाय दुकान संचालक के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें पत्रकारों द्वारा वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले पैसे मांगने की बात कही गई। इसी बातचीत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने दो पत्रकारों सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पत्रकार समुदाय का कहना है कि मामले में अब तक किसी भी पत्रकार के खिलाफ लेनदेन या ब्लैकमेलिंग से संबंधित कोई ठोस ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सामने नहीं आया है।

उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले संबंधित पत्रकारों का पक्ष नहीं सुना गया और न ही स्वतंत्र रूप से साक्ष्यों की जांच की गई। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों से जुड़े मामलों में शासन और पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में वर्ष 2023 में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून का हवाला देते हुए कहा गया कि पत्रकारों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए गठित समिति से पहले जांच कराई जानी चाहिए। इस समिति में पुलिस अधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और वरिष्ठ पत्रकारों को शामिल किया जाना है। पत्रकारों ने मांग की कि वर्तमान मामले को तत्काल सक्षम समिति को सौंपकर तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। पत्रकारों ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में किसी भी पत्रकार के खिलाफ शिकायत मिलने पर पहले समिति के माध्यम से जांच हो और आरोपों की पुष्टि के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाए।

साथ ही जिले में पत्रकार सुरक्षा समिति की स्थिति और उसके क्रियान्वयन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई।इस दौरान पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दोषी व्यक्ति का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून 2026 से चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। मामले को लेकर बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पत्रकारों की बात सुनी। अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2023 में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून का अवलोकन करते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय नहीं होगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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