बिलासपुर

दिव्यांगजनों को रेल किराये में विशेष छूट…जानिए कैसे उठाएं इसका लाभ

रमेश राजपूत

बिलासपुर – भारतीय रेल दिव्यांगजनों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती दरों पर यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है । वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर मंडल द्वारा अब तक कुल 2964 दिव्यांग रेल रियायत पहचान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सुलभ, सुरक्षित एवं सस्ती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिलासपुर मंडल में दिव्यांग रेल रियायत पहचान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है | इस ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से दिव्यांगजन अपने घर से ही दिव्यांग रियायत कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

दिव्यांग रेल रियायत प्रमाणपत्र के प्रारूप में बदलाव : अब दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप

रेलवे द्वारा दिव्यांगजनों को उनकी विकलांगता की श्रेणी के अनुसार रेल किराए में 25% से लेकर 75% तक छूट प्रदान की जाती है। यह छूट विशेष रूप से दृष्टिहीन, मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए लागू है। पूर्व में इन चारों श्रेणियों के लिए रेलवे रियायत प्रमाणपत्र हेतु एक ही प्रारूप (फॉर्म) का उपयोग होता था। परन्तु वर्ष 2025 से रेलवे ने दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-1) तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-2) जारी किया है। अब दृष्टिहीनता की 90% या उससे अधिक स्तर पर भी रियायत का प्रावधान किया गया है, जो दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है।
महत्वपूर्ण यह भी है कि यदि दिव्यांग यात्री के साथ एक सहयोगी (एस्कॉर्ट) यात्रा करता है, तो उसे भी समान रियायत का प्रावधान है । जारी किए गए रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे के सॉफ़्टवेयर में अपडेट कर दी जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय कार्ड की फोटो कॉपी प्रस्तुत कर आसानी से छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग पर भी उपलब्ध है।

दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया

अब दिव्यांगजन आसानी से ऑनलाइन माध्यम से रेल रियायत पहचान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए रेलवे की वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in पर लॉगइन कर स्वयं को पंजीकृत करें |

आवश्यक दस्तावेज

जिला चिकित्सा अस्पताल द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र (मेडिकल बोर्ड सर्टिफिकेट).
रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जो कि बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पताल से जारी किया गया हो, जिसमें यह उल्लेख हो कि यात्री बिना सहायक (एस्कॉर्ट) के यात्रा करने में असमर्थ है। (इसका प्रारूप भारतीय रेलवे की वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है)
आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
इन दस्तावेजों को भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। सत्यापन के बाद कार्ड जारी कर दिया जाता है और आवेदक को इसकी जानकारी SMS के माध्यम से दी जाती है। आवेदन करते समय सभी जानकारी सही-सही भरना अत्यंत आवश्यक है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया, “हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजनों को सहज, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से रेलवे की सुविधाओं का लाभ मिले। रेल रियायत पहचान कार्ड बनने की प्रक्रिया को सरल बनाकर हम उनकी यात्रा को और अधिक सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक दिव्यांगजन स्वयं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ महसूस करें।”
दिव्यांग रियायत कार्ड से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए यात्री बिलासपुर मंडल यात्री हेल्पलाइन नंबर 9630015345 पर संपर्क कर सकते हैं।

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