
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान उपार्जन एवं मिलिंग कार्यों में अनियमितता बरतने वाले राइस मिलरों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में लगातार पांचवें दिन बिलासपुर जिले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें सिरगिट्टी क्षेत्र में संचालित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर दिया गया। प्रशासनिक निगरानी के तहत धान उठाव कार्य की मॉनिटरिंग के लिए आई.सी.सी.सी. कमांड सेंटर का गठन किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है। यदि कोई वाहन समिति से धान उठाने के बाद निर्धारित समय से अधिक समय तक एक ही स्थान पर रुकता है अथवा निर्धारित क्षमता से अधिक धान परिवहन करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पोर्टल पर प्रदर्शित हो जाती है। ऐसी सूचनाओं के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 16 और 17 जनवरी 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलासपुर मनीष साहू के नेतृत्व में तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक एवं अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल की जांच की गई।

जांच में पाया गया कि मिलर द्वारा कुल 1,46,650 बोरी (58,600 क्विंटल) धान का उठाव किया गया था, जबकि भौतिक सत्यापन में केवल 1,35,207 बोरी (54,082.8 क्विंटल) धान ही उपलब्ध मिला। इस प्रकार 11,443 बोरी (4,577.2 क्विंटल) धान का कोई हिसाब नहीं मिला। मिल संचालक संजीत मित्तल का यह कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन माना गया। धान की रिसाइक्लिंग की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राइस मिल को सील कर दिया और प्रकरण दर्ज कर लिया। खाद्य नियंत्रक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के परिवहन एवं भंडारण में गड़बड़ी करने वाले मिलरों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त जांच एवं दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।