
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को साज़िशपूर्ण बताते हुए उसकी दो नाबालिग बेटियों और पड़ोसियों ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। बेटियों ने पड़ोसियों की मदद से शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में बताया गया है कि उनकी मां शिवरानी सिंह के खिलाफ 15 फरवरी 2026 को पुलिस ने रेड कार्रवाई करते हुए नशीला पदार्थ बरामद दिखाया और मामला दर्ज किया। हालांकि बेटियों का आरोप है कि यह पूरा मामला पूर्व विवाद के चलते रचा गया षड्यंत्र है और इसमें उनके पिता जो उन लोगों से अलग रहते है और पुलिस कर्मी की मिलीभगत बताई गई है।

बेटियों के अनुसार उनके पिता रामकिशोर सिंह और मां के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद और तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। इसी रंजिश के चलते रामकिशोर ठाकुर द्वारा उनकी मां को पहले भी धमकाया गया था कि यदि केस वापस नहीं लिया गया तो उन्हें किसी अन्य मामले में फंसा दिया जाएगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने पुलिस से अपनी पहचान और पहुंच का हवाला देकर परिवार को डराने की कोशिश की थी। आवेदन में उल्लेख है कि घटना से कुछ दिन पहले परिवार शादी में शामिल होने घर से बाहर गया हुआ था। उसी दौरान कथित रूप से घर की छत पर एक थैले में नशीला पदार्थ रख दिया गया। जब परिवार लौटकर आया तो बच्चों द्वारा पतंग निकालने के दौरान मंदिर के पास रखा संदिग्ध थैला मिला, जिसे बाद में बाहर गेट के पास रख दिया गया था।

अगले दिन सुबह पुलिस ने अचानक छापा मारकर उसी थैले से नशीला पदार्थ मिलने का दावा किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने तलाशी के दौरान घर के अन्य हिस्सों की जांच नहीं की और सीधे उसी थैले को बरामदगी बताकर मामला दर्ज कर लिया, जिससे साज़िश की आशंका और मजबूत होती है। बेटियों ने यह भी कहा है कि वे अपनी मां के साथ घर में अकेली रहती हैं और इस घटना के बाद उनकी माँ को जेल भेज दिया गया जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

नाबालिग बेटियों ने पड़ोसियों के साथ पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित पुलिस कर्मियों की भूमिका की पड़ताल तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी और अपनी मां की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।