
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश और उप संचालक के मार्गदर्शन में खनिज अमले ने तीन दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान अवैध रूप से रेत और गिट्टी का परिवहन करते हुए कुल 11 वाहनों को जब्त किया गया है। खनिज विभाग की टीम ने 11, 12 और 13 मार्च 2026 को जिले के निरतु, लोफंदी, कच्छार, लछनपुर, रतनपुर, लमेर, लारिपारा, घुटकू, सेंदरी, कोनी, बिरकोना, मोपका, चकरभाठा, दर्रीघाट तथा जयरामनगर मस्तूरी क्षेत्र में जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से खनिज परिवहन करते वाहन पकड़े गए। कार्रवाई के दौरान लारिपारा क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। इसी तरह सेंदरी क्षेत्र से 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध परिवहन करते हुए जब्त की गईं। कोनी क्षेत्र में एक हाइवा वाहन रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वहीं जयरामनगर मस्तूरी क्षेत्र में 3 हाइवा रेत तथा 1 हाइवा गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए जब्त किया गया। इस तरह कुल 5 हाइवा और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 11 वाहनों को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया है। जब्त वाहनों को पुलिस थाना कोनी और जांच चौकी लावर की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा ताकि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे वाहनों को पहले भी कई बार पकड़ा गया होगा लेकिन सिर्फ चालानी कार्रवाई कर छोड़ दिया जाता है, जो फिर से खनिजो के अवैध उत्खनन और परिवहन में लग जाते है, जिन पर कड़ी कार्रवाई जैसे वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कराने या दूसरी बार पकड़े जाने पर दोगुना, तीसरी बार मे तीगुना जुर्माना लगाया जाता तो शायद अंकुश लगाने की कोशिश समझ मे आती…. लेकिन कहते है न नियम तो आम लोगों के लिए है.. खास लोगों के लिए तो सिस्टम काम करता है लिहाजा अवैध…. तो जारी रहेगा!