डेस्क

विश्व के सर्वाधिक युवा हमारे देश में है तथा आने वाले 25 वर्ष में सबसे ज्यादा बुजुर्ग भी हमारे देश में होंगे। इस मानसिकता को दिमाग से निकालना होगा कि वृद्धाश्रम अच्छी जगह नहीं है। यह समाज की आवश्यकता है। आने वाले समय में बहुत बड़ी संख्या में वृद्धाश्रमों की जरूरत होगी। इसलिये सभी समाज सेवी संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। यह विचार कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग ने आज विश्व वरिष्ठजन उत्पीड़न जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के शारीरिक, मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न से संबंधित मामलों के निराकरण के लिये जिला स्तर पर बुजुर्ग परिषद गठित की जायेगी।

जिसकी बैठक प्रत्येक तीन महीने में होगी।सिंचाई विभाग परिसर स्थित प्रार्थना भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गाे को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा बुजुर्गों के कल्याण के लिये लगातार कोशिश की जा रही है। उनके लिये निःशुल्क वृद्धाश्रम और डे-केयर सेंटर खोले जा रहे हैं। लेकिन इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग आवश्यक है। निःशुल्क वृद्धाश्रम के साथ-साथ ऐसे वृद्धाश्रम भी खोले जाने चाहिये जहां सक्षम बुजुर्ग शुल्क देकर अच्छी व्यवस्था के साथ रह सके। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिये लागू पीला कार्ड योजना को अच्छी तरह क्रियाशील करने का निर्देश दिया। पीला कार्ड योजना के तहत बुजुर्गों को अस्पतालों में विशेष देखभाल की सुविधा प्रदान की जाती है।

उन्होंने हर माह अस्पताल परिसर में दो दिन बुजुर्गो के लिये कैम्प लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में दस बिस्तर केवल बुजुर्गों के लिये आरक्षित रखे गये हैं।कलेक्टर ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत बुजुर्गों से संबंधित गतिविधियों को सक्रियता से संचालित करें। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग असहाय होकर स्वयं का उत्पीड़न करते है। ऐसी स्थिति में मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग किया जाये, इस हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर ने सभी शासकीय भवनों को बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के अनुकूल बनाने के लिये एक्सेस आॅडिट करने की जानकारी दी। उन्हांेने बताया कि 85 भवनों का चिन्हांकन कर एक्सेस आॅडिट कराया गया। अभी 27 भवनों में एक्सेस आॅडिट के अनुरूप पूर्ति हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आईटी के मापदण्डों के अनुरूप कलेक्टोरेट का वेबसाईट बुजुर्गों के लिये एक्सेसेबल हो गया है। उन्होंने पुलिस व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वेबसाईट को भी एक्सेसेबल बनाये जाने हेतु कहा। कलेक्टर ने कहा कि वृद्धजनों की बेहतरी के लिये राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग समन्वय से कार्य करें। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव दिग्विजय सिंह ने की। उन्होंने बुजुर्गों के हितरक्षा के लिये कानून के तहत किये गये प्रावधानों की जानकारी दी। ज्येष्ठ नागरिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ.किरण देवरस ने भी प्रदेश एवं प्रदेश के अन्य राज्यों में बुजुर्गों के लिये चलाये जाने वाले योजनाओं पर प्रकाश डाला। संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग के श्री खलखो और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.महाजन ने उनके विभाग के तहत बुजुर्गों के लिये संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी।इस अवसर पर ज्येष्ठ नागरिक संघ, राधा फाउण्डेशन सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बुजुर्ग प्रतिनिधि उपस्थित थे।