
सक्ती – छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 12 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 30 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की संभावना है, जिन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत थे। अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे आग और धुएं का गुबार फैल गया। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। कई मजदूर झुलस गए, जबकि अन्य को गंभीर चोटें आईं।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत टीमों ने तत्काल घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच पीएमओ की ओर से जारी बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और इस कठिन समय में पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा किए जाने की संभावना है। घटना के बाद प्रशासन ने पूरे प्लांट क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए लगाया गया है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद कुछ समय तक स्थिति बेहद भयावह रही। चारों ओर धुआं और चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। राहत कार्य में लगे कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और आधिकारिक आंकड़ों के साथ विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।