
रमेश राजपूत
रायगढ़ – जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेहरामार में जमीन विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया, जहां एक युवक ने अपनी ही बड़ी मां की बेरहमी से हत्या कर शव को जंगल में ठिकाने लगा दिया। इस सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा छाल पुलिस ने महज कुछ घंटों में करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को ग्राम बेहरामार निवासी लोकनाथ राठिया ने अपनी 70 वर्षीय मां केवला बाई राठिया के 4-5 दिनों से लापता होने की रिपोर्ट थाना छाल में दर्ज कराई। साथ ही उसने अपने चचेरे भाई आशन राठिया पर जमीन विवाद के चलते अनहोनी की आशंका जताई। इसी बीच बेहरामार-जामपाली मार्ग के जंगल में झाड़ियों के बीच शव मिलने और दुर्गंध आने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां गड्ढे में पड़ा सड़ा-गला शव बरामद किया गया। पहचान के बाद यह पुष्टि हुई कि शव केवला बाई राठिया का ही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच तेज कर दी। जांच में सामने आया कि जमीन बंटवारे को लेकर आरोपी आशन राठिया का मृतिका से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 18 अप्रैल को महुआ बीनने के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर हाथ-मुक्कों और लात-घूसों से हमला कर वृद्ध महिला की हत्या कर दी। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को मोटरसाइकिल में लादकर जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने संदेही को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें आरोपी टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई। आरोपी आशन राठिया 36 वर्ष के खिलाफ अपराध क्रमांक 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जमीन या पारिवारिक विवाद में हिंसा किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।