
रमेश राजपूत
सक्ती – जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र में एक महिला को बंधक बनाकर उसके साथ लगातार दो दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत दर्ज होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चार घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता भीख मांगकर अपना जीवनयापन करती है। उसने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 29 जून 2026 की सुबह वह रोज की तरह भीख मांगने निकली थी। करीब 11 बजे वापस लौटते समय राजकुमार कंवर उर्फ कोंदा के घर के पास पहुंची, तभी आरोपी राजकुमार कंवर और छतराम कंवर उर्फ टुकुलाल ने उसे जबरन पकड़ लिया। दोनों आरोपियों ने पीड़िता को खींचकर राजकुमार के घर के अंदर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पहले महिला को जबरन बड़ी मात्रा में महुआ शराब पिलाई, जिससे वह बेहोशी की हालत में जमीन पर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसकी इच्छा के विरुद्ध बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 29 जून की सुबह से लेकर 30 जून की शाम तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और लगातार उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल तथा एसडीओपी डॉ. भुनेश्वरी पैंकरा के निर्देश पर महिला संबंधी गंभीर अपराध को देखते हुए जैजैपुर थाना में तत्काल अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(1) एवं 127(2) के तहत अपराध क्रमांक 175/2026 दर्ज कर विशेष टीम गठित की। टीम ने आरोपियों की तलाश कर मामला दर्ज होने के मात्र चार घंटे के भीतर दोनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 4 जुलाई 2026 को उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें उपजेल सक्ती भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह चंद्रा के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक लालाराम खूंटे, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र खाण्डेकर तथा पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।