
उदय सिंह

मस्तूरी– कोरोना वायरस को लेकर एक तरफ पूरा देश शट डाउन है राज्यो में लॉक डाउन घोषित कर लोगों को घरो में रोका जा रहा है, समय समय पर कई तरह के निर्देश जारी किए जा रहे है, बावजूद इसके सरकारी तंत्र के अधिकारी ही इन नियमों को ताक पर रख उल्लंघन कर रहे है,

ताजा मामला मंगलवार को प्रकाश में आया है, जिसमें जलसंसाधन विभाग के अधीन लीलागर नदी में मल्हार के पास ड्रिप सिंचाई योजना के तहत ड्रिप इंडिया के तहत प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ मंगलवार को भी लॉक डाउन के दौरान मजदूरों से काम लिया जा रहा है, लगभग दस मजदूर सुबह से निर्माण कार्य मे लगे है, मामले में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मजबूरी वश उन्हें काम करना पड़ रहा है

वरना उन्हें वेतन के लाले पड़ जाएंगे ठेकेदार नही मानेंगे वहीँ किसी अधिकारी ने कुछ नही कहा पूछने पर बताया गया कि उनके ही निर्देश पर काम चल रहा है, क्या उनको नही पता होगा, फिर भी इसकी शिकायत तो कर सकते हो पूछने पर उन्होंने रोजी रोटी पर बन आने की बात कही।

अब भला यह किसकी जिम्मेदारी है मजदूर वर्ग तो मजबूर है लेकिन उन ठेकेदार और अधिकारियों के भीतर जरा भी इंसानियत नही है जो इस राष्ट्रीय आपदा के दौरान भी मजदूर वर्ग का शोषण कर रहे है, क्या उनपर कोई कार्रवाई नही होनी चाहिए जो अपने आप को सुरक्षित कर दूसरों की जिंदगी के साथ खेल रहे है,

बड़ी ही चिंता की बात है इस दौर में भी कमीशन और मुनाफा….!