
दिल्ली में बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में राहुल गांधी ने आतंकी मसूद अजहर को ‘जी’ कहकर संबोधित किया, जिसके तुंरत बाद बीजेपी ने इस बयान को अपने ट्विटर पेज पर शेयर कर दिया.
ठा. उदय सिंह
पुलवामा हमले पर मोदी सरकार को घेरने के चक्कर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका दे दिया. दिल्ली में बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में राहुल गांधी ने आतंकी मसूद अजहर को ‘जी’ कहकर संबोधित किया, जिसके तुंरत बाद बीजेपी ने इस बयान को अपने ट्विटर पेज पर शेयर कर दिया.
दरअसल एनएसए अजीत डोभाल पर तंज कसने के दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से 45 जवान शहीद हो गए थे. सीआरपीएफ बस पर किसने बम फोड़ा? जैश-ए-मोहम्मद…मसूद अजहर ने… आपको याद होगा ना? यह वही मसूद अजहर है, जिसे 56 इंच वालों की तब की सरकार ने एयरक्राफ्ट में मसूद अजहर जी के साथ बैठकर अजीत डोभाल कंधार में हवाले करके आ गए थे.’
राहुल का पीएम पर हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर चौकीदार चोर है कहकर निशाना साधा और कहा, ‘पांच साल पहले देश में चौकीदार आया. कहता है भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हू. 56 इंच की छाती है. मोदी… मोदी… मोदी के नारे उनके लोग लगाते थे. अच्छे दिन आएंगे. कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते थे.’ साथ ही उन्होंने कहा कि मेक इंन इंडिया की पीएम मोदी बात करते रहते हैं लेकिन उनकी शर्ट, जूते और जिस फोन से वह सेल्फी लेते हैं, वह फोन चीन में बना है.
बीजेपी का राहुल पर पटलवार
आतंकी मसूद अजहर को राहुल गांधी के ‘जी’ कहकर संबोधित करने पर बीजेपी ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, ‘कम ऑन ‘राहुल गांधी जी’! पहले यह दिग्विजय जी की पसंद थे, जिन्हें वो “ओसामा जी” और “हाफिज सईद साहब” कहते थे. अब आप कह रहे हैं “मसूद अजहर जी”. कांग्रेस पार्टी को क्या हो गया है?
राहुल के बयान पर कांग्रेस की सफाई
राहुल के बयान पर बढ़ते विवाद को देखते हुए हमेशा की तरह कांग्रेस प्रवक्ता मामले की लीपापोती में जुट गए हैं ।जाहिर है राहुल गांधी से बहुत बड़ी चूक हुई है लेकिन इसके लिए माफी मांगने की बजाय कांग्रेस प्रवक्ता अब बेतुके के तर्क दे रहे हैं। टीवी चैनलों पर भी इसे लेकर बहस जारी है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई देते हुए इसे कटाक्ष बताया है तो वहीं दूसरे प्रवक्ता इसे जुबान फिसल जाना बता रहे हैं , यानी कांग्रेस के ही नेता इस मुद्दे पर एक राय नहीं हो पा रहे। लिहाजा राहुल गांधी ने बैठे बिठाए चुनाव से पहले भाजपा को एक बड़ा मुद्दा दे दिया । इससे पहले मणि शंकर ऐय्यर और दिग्विजय सिंह इस तरह से विरोधियों की मदद कर चुके हैं लेकिन जब गलती पार्टी अध्यक्ष से हुई है तो प्रवक्ताओं से ना तो निगलते बन रहा है ना उगलते । स्पष्ट है मसूद अजहर जी का मुद्दा पूरे चुनाव में छाया रहेगा। भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि देश के मुसलमानों को खुश करने के लिए हमेशा से कांग्रेस नेता आतंकियों को सम्मान देने से गुरेज नहीं करते ।ऐसा दिग्विजय सिंह और मणि शंकर अय्यर पहले कर चुके हैं। इस बार यह जिम्मेदारी पार्टी अध्यक्ष ने संभाल ली है। कुल मिलाकर इस मुद्दे पर जुबानी तीर दोनों ओर से छोड़े जा रहे हैं।