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बिलासपुर में चोरों के हौसले किस कदर बढ़े हुए हैं इसका अंदाज़ा सिविल लाइन क्षेत्र में व्याख्याता के घर हुई चोरी से लगाया जा सकता है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के देवेंद्र नगर में रहने वाले व्याख्याता सुरेश कुमार सोनी की बेटी रविवार को व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाली थी और इसके लिए उसे अपने सेंटर रायपुर जाना था। इसलिए वह तड़के 5:00 बजे ही उठ गई।
उनकी बेटी उस वक्त हैरान रह गई जब उसने अपने घर में टॉर्च लेकर कुछ सायो को इधर से उधर भटकते देखा। डर कर उसने आवाज लगाई कि कौन है ? तो घर में मौजूद चोरों ने बेखौफ होकर उससे कहा कि सो जाओ, अभी सुबह नहीं हुई है ।इतना सुनते ही घर में मौजूद सभी लोग समझ गए कि उनके घर में चोर घुस आए हैं, लेकिन इससे पहले कि वे संभल पाते, दोनों चोर पीछे के दरवाजे से भाग खड़े। हुए हैरानी इस बात की है कि देवेंद्र नगर के इस मकान में पूरा परिवार घर पर मौजूद था। आमतौर पर शहर में चोरियां उन घरों में हो रही है, जो सुने रहते हैं। लेकिन यहां तो घर पर सबकी मौजूदगी में चोर पीछे का दीवार फांद कर और फिर आंगन में लगे लोहे की चैनल गेट को तोड़कर घर में घुस आए।
घर में लोगों की मौजूदगी के बावजूद आराम से अलमारी को तोड़ा और अलमारी रखे 20,000 रुपये नगद समेत दो सोने के नेकलेस, एक सोने का कंगन, सोने के इयररिंग्स सहित करीब साडे तीन लाख रूपये का सामान लेकर चलते बने। घर में मौजूद लोगो ने जाग कर चोरों को देख भी लिया लेकिन उनके सामने से चोर ऐसे गायब हो गए जैसे गधे के सर से सिंग। सांप जाने के बाद लाठी पीटने वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए व्याख्याता सुरेश सोनी ने उनके पीछे भागने की कोशिश की लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा । अलबत्ता इतना जरूर पता चला कि इन्हीं चोरों ने उनके पड़ोसियों के यहां भी चोरी की कोशिश की थी, लेकिन वे कामयाब सुरेश सोनी के यहां ही हो पाए । इस चोरी की शिकायत सिविल लाइन थाने में की गई तो मौका ए वारदात पर पहुंचकर पुलिस ने जांच की । पुलिस के लिए यह राहत की खबर है कि चोरों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है, जिसके आधार पर जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा सिविल लाइन प्रभारी मोहम्मद कलीम खान कर रहे हैं।
शहर में कभी दिनदहाड़े चोरी हो जाती है, कभी सूने मकानों को निशाना बनाया जाता है तो कभी घर पर लोगों के रहने के बावजूद चोर बेखटके चोरी की घटनाओं को अंजाम दे देते हैं। पुलिस गश्त पर अब खुद पुलिस को भरोसा नहीं रहा, लिहाजा ले देकर चोरों का सुराग केवल सीसीटीवी कैमरों से ही हासिल हो पा रहा है। इसलिए चोरों से बचने के लिए अब लोग ऐसे ही उपकरणों पर पुलिस से अधिक भरोसा कर रहे हैं। देखना होगा कि तस्वीरें में कैद होने के बाद कितने दिनों में चोर पुलिस के हाथ लगते हैं।