
रक्षा टीम को ट्रेक पर लाने मुंगेली पुलिस कप्तान क्या करेंगी ये देखना आवश्यक है, क्योंकि सवाल युवतियों और महिलाओं की सुरक्षा का है
मुंगेली आकाश दत्त मिश्रा
मुंगेली– महिला सशक्तिकरण की महती उद्देश्य को साकार करने के उद्देश्य से तैयार की गई रक्षा टीम के दफ्तर में अब अक्सर ताला लगा हुआ नजर आता है वही रक्षा टीम में नियुक्त किये गए सिपाही आखिर किस प्रकार की ड्यूटी कर रहे यह समझ से परे है। पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर द्वारा तैयार की गई रक्षा टीम ने शुरुआत में बेहतर कार्य किया लेकिन जैसे ही पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर की मॉनिटरिंग से हटकर इसकी जवाबदारी सिपाहियों को मिलने लगी तो बन्दर के हाथ मे उस्तरे वाली कहावत चरितार्थ होने लगी । दफ्तर में लगे ताले सिपाहियों की विचित्र वेशभूषा , अनुशासनहीनता को देखकर ज़रा भी ये शुचिता मन मे उतपन्न नही होती कि ये हमारी रक्षा कर सकेंगे , ढीले ढाले रवैये के चलते शहर में मजनुओं की फौज फिर स्कूलों ट्यूशन क्लासेस गलियों सड़को पर तफरी करते नज़र आने लगी है रक्षा टीम के गठन के समय यह तय किया गया था कि
टीम के सदस्य स्कूल में जाकर लड़कियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निदान करेंगे ।
यदि कोई व्यक्तिगत समस्या परेशानी हो तो रूबरू होकर निराकरण का समुचित पहल करेंगे । साथ ही जिले के गर्ल्स स्कूल-कालेजों में महिलाओं से संबंधित अपराध की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान एवं विभिन्न वार्डों में घरेलू हिंसा के संबंध में महिलाओं को कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी देंगे तथा स्कूल कालेज में पुलिस शिकायत पेटी स्थापित कर प्राप्त होने वाले शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु कार्यवाही करेंगे । लेकिन इन सब निर्देशो पर सिर्फ शुरुआती दिनों में अमल किया गया। जगह जगह लगाई गई शिकायत की पेटियां कई महीनों से खोलकर देखी भी नही गयी है। गश्त के नाम पर महज औपचारिकता पूरी करने वाले सिपाही अति संवेदनशील क्षेत्रो में cctv कैमरों के भरोसे निश्चिंत रहते है। बीते समय मे रक्षा टीम को आसपास क्षेत्रो में गश्त करने मिली बोलेरो को पिकनिक के लिए उपयोग किये जाने की खबर सामने आयी थी वही टीम के द्वारा युवक युवती समेत नए साल के जश्न के वायरल हुए डांस वीडियो ने भी रक्षा टीम समेत मुंगेली पुलिस की छवि को बिगाड़ने का काम किया। अपने उद्देश्यों की पटरी से पूर्णतः उतर चुकी रक्षा टीम को ट्रेक पर लाने मुंगेली पुलिस कप्तान क्या करेंगी ये देखना आवश्यक है, क्योंकि सवाल युवतियों और महिलाओं की सुरक्षा का है।