
ग्रामीण यह समझ नहीं पा रहे कि वह स्मार्ट कार्ड को आयुष्मान योजना के तहत लिंक कराएं या फिर कांग्रेस सरकार की नई योजना की प्रतीक्षा करें,

सीपत प्रदीप पाण्डेय
इन दिनों सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्मार्ट कार्ड को आयुष्मान योजना से लिंक कराने के लिए शिविर लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य कार्ड में जहां 50 हज़ार रुपये तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो पा रही थी वही केंद्र की इस नयी योजना के तहत परिवार को पांच लाख रुपए तक का इलाज मुहैया होगा, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मिले संकेत से यही स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में आयुष्मान योजना को लागू नहीं होने देगी। उसके स्थान पर यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू करने की चर्चा है। शायद यही वजह है कि ग्रामीण स्मार्ट कार्ड को आयुष्मान योजना से लिंक कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं ।बहाना यह बनाया जा रहा है कि ग्रामीणों को शिविर की जानकारी नहीं है, इसलिए वे शिविर तक नहीं आ रहे हैं। शिविर में मस्तूरी ब्लॉक, बिल्हा सहित आसपास के सभी ग्रामों के ग्रामीणों के लिए लिंक करने की व्यवस्था है। इसके लिए परिवार के सभी सदस्यों को शिविर में आना होगा और सभी का आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्मार्ट कार्ड भी लाना होगा लेकिन 2 दिनों से जारी शिविर में ग्रामीणों की उपस्थिति बेहद कम रही ।जो लोग लिंक कराने पहुंचे उन्होंने भी आरोप लगाया कि यहां केवल 2 ऑपरेटर होने की वजह से लोगों को लंबी कतार में समय जाया करना पड़ रहा है ।वहीं कई बार दस्तावेजों के नाम पर ग्रामीणों को बेवजह परेशान भी किया जा रहा है। ग्रामीण यह समझ नहीं पा रहे कि वह स्मार्ट कार्ड को आयुष्मान योजना के तहत लिंक कराएं या फिर कांग्रेस सरकार की नई योजना की प्रतीक्षा करें, क्योंकि जिले में अधिकांश अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने से पहले ही हाथ खड़ा कर चुके हैं, ऐसे में स्मार्ट कार्ड से लिंक होने के बाद भी कुछ विशेष लाभ ग्रामीणों को हासिल नहीं हो पाएगा। शायद यह भी एक वजह है जिस कारण लोग शिविर के प्रति अरुचि दिखा रहे हैं।