
उदय सिंह
बिलासपुर – मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनगवां में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन सामग्री के वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत के सैकड़ों हितग्राहियों ने सरपंच सहित जिला प्रशासन से चावल, शक्कर और नमक का समय पर वितरण सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है। साथ ही राशन वितरण से जुड़े स्व सहायता समूह के अध्यक्ष एवं सचिव के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। हितग्राहियों द्वारा कलेक्टर, जिला बिलासपुर को सौंपे गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत धनगवां अंतर्गत कुल तीन गांव आते हैं, जहां लगभग 1100 राशन कार्डधारी निवासरत हैं। आरोप है कि राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे अनामिका महिला स्व सहायता समूह द्वारा 580 कार्डधारियों का अंगूठा लगवाया गया,

जबकि शेष हितग्राहियों को अब तक राशन सामग्री प्रदान नहीं की गई। इससे बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जनवरी माह समाप्ति की ओर है और चावल, शक्कर व नमक का वितरण नहीं किया गया है। ऐसे में सभी हितग्राहियों तक राशन पहुंचना असंभव प्रतीत हो रहा है। इससे संदेह और गहरा गया है कि कहीं राशन सामग्री की हेराफेरी तो नहीं की गई। आवेदन में हितग्राहियों ने बिंदुवार मांग रखते हुए कहा है कि अनामिका महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष एवं सचिव का नाम, विक्रेता की जानकारी सार्वजनिक की जाए, समूह के स्टॉक पंजी व राशन वितरण रजिस्टर की जांच की जाए, 580 कार्डधारियों के अंगूठा लगाए जाने की सत्यता की पुष्टि हो तथा दोषी पाए जाने पर अध्यक्ष एवं सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही समूह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर किसी अन्य सहकारी समिति को राशन वितरण का दायित्व सौंपने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र राशन वितरण नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कब और क्या कार्रवाई करता है।