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जानिये विरोध के बावजूद क्यों रेलवे ने हटा दी बरसों पुरानी साईं मंदिर

डेस्क

रेलवे अपनी जमीन को लेकर बेहद संजीदा है रेलवे की यही कोशिश रहती है कि उनकी जमीन पर कोई कब्जा ना कर ले । यही कारण है कि रेलवे अपनी जमीन पर ना तो किसी को व्यवसाय करने देता है और ना ही अवैध कब्जा। अक्सर रेलवे द्वारा रेलवे की जमीन पर ठेला लगाकर व्यवसाय करने वालों पर भी कार्यवाही की जाती है। वही रेलवे की कोशिश यही है कि किसी तरह रेलवे की जमीन से बुधवारी बाजार को हमेशा के लिए हटा दिया जाये।

ऐसे में रेलवे कैसे यह बर्दाश्त कर सकता है कि उसकी जमीन को हथियाने के लिए कोई मंदिर पॉलिटिक्स का इस्तेमाल करें। आपको याद होगा कि रेलवे ने सख्ती बरतते हुए अपनी जमीन पर काबिज होकर झोपड़ी बनाने वालों को भी कुछ साल पहले जबरन बेदखल कर दिया था, लेकिन इसी इलाके में यानी तार बाहर और रेलवे क्षेत्र की सीमा के पास उर्दू स्कूल मैदान के करीब कुछ लोगों ने एक अस्थाई साईं बाबा का मंदिर बना लिया था ।साईं बाबा की मंदिर की आड़ में रेलवे की जमीन हथियाने की कोशिश को मंगलवार को आई डब्लू की टीम ने ध्वस्त कर दिया। रेलवे द्वारा लगातार अपने इलाके में बेजा कब्जा हटाने की मुहिम चलाई जा रही है, इसी क्रम में मंगलवार को तार बाहर खुदीराम बोस चौक के पास चलाये गये अभियान में यहां मौजूद साईं मंदिर को हटा दिया गया।

जब आई डब्ल्यू विभाग के कर्मचारी बेजा कब्जा हटाने पहुंचे तो उन्हें स्थानीय नागरिकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा । कुछ लोगों ने मंदिर के नाम पर धार्मिक भावनाएं भड़काने की भी कोशिश की लेकिन उनसे निपटने रेलवे ने आरपीएफ बल बुला लिया, जिनकी निगरानी में बेजा कब्जा पूरी तरह से हटा दिया गया । इस दौरान मंदिर तोड़ने का विरोध कर रहे लोगों को मंदिर में स्थापित साईं बाबा की प्रतिमा भी सौंप दी गई और उन्हें हिदायत दी गई कि वे भविष्य में रेलवे क्षेत्र में बेजा कब्जा करने के लिए इस तरह मंदिर की आड़ ना लें।

मंदिर बनाकर रेलवे की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे लोगों को रेलवे अधिकारियों ने फटकार भी लगाई, लेकिन लोग इस कार्यवाही में भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि रेलवे स्टेशन के ही करीब रेलवे की जमीन पर एक बड़ा साईं मंदिर मौजूद है । वही ठीक जोन मुख्यालय के पास आरटीएस कॉलोनी की ओर भी मंदिर है । इतना ही नहीं रेलवे क्षेत्र में ही कोदंड रामालयम, सुमुख गणेश, कालीबाड़ी, जगन्नाथ मंदिर ,लक्ष्मी नारायण मंदिर , मरी माई मंदिर समेत कई छोटे-बड़े मंदिर है , लेकिन कार्यवाही सिर्फ यही की गई है , इसलिए लोगो ने आरोप लगाया कि पास ही बसने वाले मुस्लिम समुदाय की शिकायत पर तुष्टीकरण के लिए यह कार्यवाही की गई है । इसी के चलते यहां कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी पैदा हो गई थी।

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