
डेस्क
बिलासपुर- पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक से ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है, मामले में पीड़ित बेरोजगार युवक ने अब जाकर इस ठगी की रिपोर्ट थाने में की है, दरसअल सीपत थाना क्षेत्र के उच्चभट्ठी में रहने वाले बेरोजगार युवक विद्यानन्द दुबे ने वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में आरक्षक भर्ती के निकले वेकेंसी में आवेदन किया था, इस दौरान उसकी मुलाकात सीपत निवासी प्रियेश गुप्ता से हुई, जिसने पक्की नौकरी दिलाने का झांसा युवक को दिया और इसके एवज में 2 लाख रुपयो की मांग की।
चूंकि प्रियेश गुप्ता ने बड़े नेता मंत्रियों से पहचान का हवाला युवक को दिया था जिसकी वजह से युवक उसके झांसे में आ गया और उसने अपने परिजनों से पुलिस आरक्षक पद के लिए पैसे देने के लिए मना लिया, युवक के पिता सियाराम दुबे ने धान बेचकर और जमीन गिरवी रखकर पैसो की व्यवस्था कर रकम अपने बेटे को दी जिसने दो किस्तों में पैसे प्रियेश गुप्ता को दिए।
लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी जब पीड़ित युवक की नौकरी नही लगी तो उसने प्रियेश से पैसे वापस करने की मांग की तब उसने अगली भर्ती में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह लगातार उसे टालता रहा, लेकिन जब पीड़ित युवक ने दबाव बनाया तो उसने सेंट्रल बैंक का एक चेक 2 लाख रुपए का उसे थमा दिया, जिसे उसने बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। जिसके बाद से प्रियेश गुप्ता गायब है।
जालसाजी कर ठगी…
इस मामले में ठगी का शिकार युवक कृषक का बेटा है वही ठगी करने वाला चालाक व्यक्ति, जिसकी रिपोर्ट प्रार्थी ने थाने में की है। हालांकि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आते है, लेकिन इस मामले में तो शिकायत दर्ज कराने में ही 2 वर्ष लग गए।