
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – बुधवार को स्कूली छात्रों के द्वारा हिंसक घटना को अंजाम देने का मामला सामने आया है। जिसने हर एक वर्ग को यह सोंचने मजबूर कर दिया है कि क्या ? स्कूल में मिलने वाली शिक्षा, दीक्षा और सामाजिक वातावरण छात्रो को हिंसा की ओर आकर्षित होने से रोकने में क्यो असफल ही साबित हो रही है ! न्यायधानी में बुधवार कि शाम इसी तरह का मामला सामने आया है। जिसमे स्कूली छात्रों ने अपने सहपाठी छात्र को चाकू मारकर कर हिंसात्मक मंजर को अंजाम दिया है। यह पूरी घटना रिवर व्यू की है। जिसमे सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर में 10 वी कक्षा में पढ़ने वाले छात्रो ने अपने साथियों के साथ मिलाकर रिवर व्यू पर सरकंडा निवासी सालिक राम शेंडे और उनके साथियों पर चाकू और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस विवाद में सालिक राम शेंडे को गंभीर चोटें आई है। जिसे इलाज के लिए सिम्स हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। बताया जा रहा है उक्त घटना में संलिप्त सभी छात्र सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर स्कूल में अध्ययनरत है जिनके खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है। बीते दिनों सालिक राम और उसके दोस्तों के साथ 10 वी कक्षा में पढ़ने वाले छात्रो के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद बुधवार को दोनों पक्षों में छुट्टी के बाद झड़प हुई थी। जिससे आक्रोशित छात्रो ने उतावलेपन में अपने स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सालिक राम पर हमला कर दिया। बहरहाल इस पूरे मामले में सिविल लाईन पुलिस ने आरोपी नाबालिग छात्रो के खिलाफ भ दं सं अधिनियम धारा 294,324,506बी, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
छात्रो की हिंसक प्रवृत्ति समाज के लिए साबित हो रही घातक!

स्कूलों में छोटी छोटी बातों में लड़ने झगड़ने वाले बच्चे अब सुनियोजित तरीके से बदला लेने लगे हैं। कुछ तो एक दूसरे पर चाकू व अन्य हथियारों से हमला कर देते हैं तो कुछ क्रोध में हत्या तक कर डालते हैं। कही न कही छात्रों के मन में भरी कुंठा, ईर्ष्या और असहिष्णुता के कारण स्कूली बच्चे इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। स्कूली बच्चों में ऐसी प्रवृत्तियां क्यों जन्म ले रही हैं? क्या इसके पीछे मां-बाप की लापरवाही है या शिक्षकों की ? कारण चाहे जो भी हो! नाबालिग छात्रो की यह प्रवृत्ति धीरे-धीरे समाज के लिए खतरा बनती जा रही है।