
रतनपुर जुगनू तंबोली

रतनपुर-बलात्कार जैसी सामाजिक विकृति हमारे देश अपितु प्रदेश की बेटियों की अस्मिता को लीलते जा रही हैं। आज न बेटियां घर में महफूज हैं और न ही घर के बाहर अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। इसी तरह मानवता को तारतार करने वाली घटना रतनपुर थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया है। जिसमे मानिसक रूप से विक्षेपित युवती के साथ गांव के ही अधेड़ व्यक्ति ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। मामले की शिकायत शुक्रवार को परिजनों ने रतनपुर पुलिस थाने में दर्ज कराई है। बताया जा रहा है। कि 23 जनवरी शनिवार रात को 18 साल की युवती को ग्राम कडरी निवासी नकुल सिंह खैरवार बहला-फुसलाकर गांव के सामुदायिक भवन में ले गया जहां उसके साथ अनाचार किया गया। यूवती की दिमागी हालत ठीक नहीं बताई जा रही है।

उक्त घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। घटना से आहत हुई युवती सामुदायिक भवन में ही रोती रही। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने उनकी आवाज सुन मौके पर पहुँचे। जहाँ से युवती को घर लाया गया। घर मे युवती ने किसी तरह अपने साथ हुई आप बीती परिजनों को दी। जिसके बाद आरोपी युवक नकुल सिंह खैरवार की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। आपको बता दे आरोपी नकुल सिंह खैरवार की उम्र 50 साल है। जबकि युवती उसके पुत्री के उम्र की थी। ऐसे में आरोपी ने अपने उम्र का लिहाज किए बिना ही मुखबधिर नाबालिग की अस्मत लूट ली। बहरहाल इस पूरे मामले में रतनपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाच शुरू कर दी है।
पीड़िता के बयान के लिए बुलाए गई है एक्सपर्ट की टीम..

ग्राम कडरी की रहने वाले दुष्कर्म पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है। साथ ही वह मूक-बधिर भी है। ऐसे में रतनपुर पुलिस को पीड़िता के बयान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके मद्देनजर उन्होंने तिफरा के दिव्यांग स्कूल से एक्सपर्ट की टीम बुलाई है। जिनके द्वारा पीड़िता के बताए बयान की पुष्टि की जाएगी।
मानसिक दुर्बलता के साथ सामाजिक हस्तक्षेप की कमी बन रही दुष्कर्म की वजह..

21 वी सदी के अत्याधुनिकता के इस युग में आज भी पुरुषों की दुर्बल मानसिकता है। स्त्री देह को लेकर बने सस्ते चुटकुलों से लेकर चौराहों पर होने वाली छिछोरी गपशप तक और इंटरनेट पर परोसे जाने वाले घटिया फोटो से लेकर हल्के बेहूदा कमेंट तक में अधिकतर पुरुषों की गिरी हुई सोच से महिला वर्गों का सामना होता है। पोर्न फिल्में और फिर उत्तेजक किताबें पुरुषों की मानसिकता को दुर्बल कर देती हैं और वो उस उत्तेजना में अपनी मर्यादाएं भूल बैठते हैं। और यही तनाव ही बलात्कार का कारण होता है।

यह परिस्थिति शहरीय क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी हावी होती नजर आ रही है। या यूं कहें कि परिवेश में घुलती अनैतिकता और बेशर्म आचरण ने पुरुषों के मानस में स्त्री को मात्र भोग्या ही निरूपित किया है। जो दिन-प्रतिदिन फैलती जा रही है। हमारी सामाजिक मानसिकता भी स्वार्थी हो रही है। फलस्वरूप किसी भी मामले में हम स्वयं को शामिल नहीं करते और अपराधी में व्यापक सामाजिक स्तर पर डर नहीं बन पाता।