
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर- कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया में अरपा नदी को सिम्स के वेस्टेज पानी से प्रदूषित करने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसको लेकर रायपुर स्वास्थ्य मंत्रालय और पर्यावरण संरक्षण विभाग ने गंभीरता से लिया। उक्त वीडियो के आधार पर सिम्स से अरपा नदी में प्रवाह होने वाले दूषित पानी के जांच के निर्देश विभागीय स्तर से दिए गए थे। जिसको लेकर शनिवार को पर्यावरण संरक्षण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों ने मौके का निरीक्षण किया। जिसमें जिला अस्पताल और सिम्स हॉस्पिटल के डॉक्टर सहित जेडी डॉ मधुलिका सिंह भी उपस्थित थी। जिन्होंने ने रिवर व्यू के नीचे पाईप लाईन से अरपा नदी में मिल रहे पानी की जांच की।
हालकि शनिवार को उन्होंने अरपा नदी में लाल रंग जैसे कोई तथ्य नही मिले है। आपको बता दे सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में यह आरोप था कि पोस्टमार्टम का प्रदूषित पानी,खून,मेडिकल वेस्टेज नाले के रास्ते अरपा में बहाया जा रहा है। इस आरोप के आधार पर मौके पर पहुँची, स्वास्थ्य विभाग और पर्यावरण संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने आसपास लोगो से पूछताछ भी की। जहाँ पता चला कि हॉस्पिटल के पास ही कोई टेंट हाऊस है। जहाँ कपड़े धुलने के दौरान गंदा पानी अरपा में प्रवाहित होता है। बहरहाल इस पूरे मामले सिम्स प्रबंधन के लापरवाही को छुपाने का काम किया जा रहा है।
या नही यह तो आगामी दिनों में जांच टीम से मिले रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।