
उदय सिंह
मस्तूरी – प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत ने योजना की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लिमतरा से सामने आए एक मामले ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जहां एक हितग्राही के नाम पर स्वीकृत आवास की राशि आवास मित्र ने अपने परिचित के नाम से निकालकर हड़प ली। ग्राम लिमतरा निवासी जीवधन श्रीवास को आवास स्वीकृत हुआ था।
लेकिन उसकी मौत हो जाने के बाद नामिनी में उसका पुत्र विजय श्रीवास के खाता में पैसा ट्रांसफर होना था लेकिन 23 सितंबर 2024 को पहली किस्त के तौर पर 40 हजार और 29 जून 2025 को दूसरी किस्त में 55 हजार कुल मिलाकर करीब 95 हजार रुपये आवास मित्र ने अपने परिचित का खाता उपयोग कर पैसे निकाल लिए गए। हैरत की बात यह है कि हितग्राही के घर आज तक एक ईंट भी नहीं लगी।
जियोटेक रिपोर्ट में भी हेराफेरी
मामले में जियोटेक रिपोर्ट को फर्जी तरीके से प्रस्तुत किया गया। एक रिपोर्ट में हितग्राही के पुत्र विजय श्रीवास का फोटो लगाया गया तो दूसरी में रिश्तेदार चंद्रशेखर श्रीवास का, जिससे यह दर्शाने की कोशिश की गई कि मकान निर्माण प्रगति पर है। जबकि मौके पर जमीन पूरी तरह खाली पड़ी है।
आवास मित्र पर गंभीर आरोप
इस पूरे खेल में आवास मित्र संध्या राठौर पति रविशंकर राठौर का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने अपने परिचित के नाम से राशि आहरित कर ली और पूरा लाभ हड़प लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत और जनपद स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी हेराफेरी संभव नहीं है।
पहले भी लगे हैं आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि बीते माह भी आवास मित्र पर हितग्राहियों से 1 से 5 हजार रुपये तक की अवैध वसूली का आरोप लगा था। शिकायत के बाद वसूली गई रकम तो वापस करवाई गई, लेकिन किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
मीडिया में खुलासा, लौटाने का दबाव
हितग्राही ने बताया कि शिकायत मीडिया तक पहुंचते ही अब उन्हें 95 हजार रुपये लौटाने का आश्वासन दिया जा रहा है और दबाव बनाया जा रहा है कि वे आगे कोई शिकायत न करें।
न्याय के लिए भटक रहा परिवार
विजय श्रीवास का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय में धरना देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर गरीब हितग्राही को उसका हक दिलाने की मांग की है।