
भुवनेश्वर बंजारे

रतनपुर – एक ओर निर्भया के दोषियों को मिली मौत की सजा से पूरे देश मे खुशी की लहर है। तो वही दूसरी ओर एक और ऐसी ही पीड़िता के परिवार में दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है। जिसको लेकर स्थानीय पुलिस संजीदगी नही दिखा रही है। यह पूरा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ महिला की शिकायत के बाद भी मामले में रतनपुर पुलिस ने तफ्तीश शुरू नही की है। जिससे जिले के पुलिस की न्याय प्रणाली पर कई सवाल उठ रहे है। सवाल तो यह भी है? कि क्या हर दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने जिले, प्रदेश अपितु पूरे देशवासियों को सामने आना जरूरी है? या फिर महिलाओं की सुरक्षा का डंका बजाने वाला पुलिस महकमा ही दोषियों के जहन में कानून का ख़ौफ़ दिलाने सक्षम है। यह सभी सवाल इस लिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि बीते एक महीने से दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी बर्बाद करने वाला दरिंदा अब भी खुली हवा में सास ले रहा है। तो वही स्थानीय पुलिस घटना स्थल को लेकर अपने हाथ खींच रही है, बताया जा रहा है की जबलपुर निवासी दीपक केंवट ने पूर्व में रतनपुर क्षेत्र की पीड़ित महिला को जॉब दिलाने का प्रलोभन दिया। फिर उसे अपने घर बुलाकर उसकी अस्मत लूट ली। महिला जैसे तैसे आरोपी के चंगुल से छूट वापस घर पहुँची, जहाँ उसने अपने परिजनों को अपनी आप बीती बताई। जिसके बाद परिजनों ने आरोपी युवक दीपक केंवट के खिलाफ रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जहाँ से केश डायरी जबलपुर भेजने की बात कहकर उन्हें चलता कर दिया, वक्त की मार से टूट चुके दुष्कर्म पीड़िता के परिवार ने भी कानून व्यवस्था पर विश्वास कर लिया, लेकिन कुछ दिन बाद उसकी आबरू तार तार करने आरोपी ने पीड़िता के परिजनों को उसकी अश्लील वीडियो भेजना शुरू कर दिया। जिसकी शिकायत फिर परिजनों ने रतनपुर थाने में की, जिसके बाद भी रतनपुर पुलिस की कुम्भकर्णी नींद नही टूटी, फिर क्या मजबूरन दुष्कर्म पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ बिलासपुर रेंज के आईजी दिपांशु काबरा से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने तत्काल मामले में रतनपुर पुलिस को उचित कार्यवाही के लिए निर्देशित किया, तब कही जाकर मामला दर्ज किया गया, इसके बावजूद अब भी रतनपुर पुलिस के हाथ खाली है।