
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – मनुष्यों के बाद अब जानवरों में भी कोरोना का ख़ौफ़ देंखने को मिल रहा है। जिसके मद्देनजर शहर के एक मात्र जू में भी वन्य प्राणियों को क्वारंटाइन कर रखा गया है। जिसकी रिपोर्टिंग रोजाना हेड ऑफिस को की जाती है। मिली जानकारी के अनुसार कानन प्रबंधन ने रेस्क्यू कर दूरस्थ जंगल से लाए गए, जानवरों को 14 दिन के लिए अन्य जानवारों से अलग क्वारंटाइन में रखा गया है ताकि यदि इनमें कोरोना या कोई अन्य संक्रमण हो तो कानन के वन्यप्राणी इसके चपेट में न आ सके। इन जानवरों को क्वारंटाइन के दौरान प्रतिदिन कानन पेंडारी के डॉक्टर स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य गतिविधीयों की जांच कर रहें है। बताया जा रहा है कि कानन पेंडारी जू में क्वारंटाइन में करीब 11 वन्यप्राणी रखे गए है। इसमें तीन मादा और 8 नर है। सभी वन्यप्राणीयों को दूसरे प्रांत से रेस्क्यू कर लाया गया है। क्वारंटाइन में रखे गए सभी वन्यप्राणीयों का स्वास्थ्य ठीक है। इसके लिए अलग से कर्मचारी रखा गया है। जो इनकी भोजन व्यवस्था, देखरेख संबंधी काम में जुटे हुए है। 14 दिन पूरे होने के बाद इनका अच्छे से स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद ही इन्हें केज में छोड़ा जाएगा।
ऐसे समझे वन्यप्राणीयों के क्वारंटाइन..

कोरोना संक्रमण के संदेहियों को जिस प्रकार सभी से अलग रखा जाता है। ठीक उसी प्रकार वन्य प्राणियों को भी विशेष निगरानी में अन्य जानवरों से दूर रखा जाता है। इसके तहत कानन पेंडारी में भी रेस्क्यू कर लाए गए वन्यप्राणीयों को पहले क्वारंटाइन में रखा जाता है। इसके लिए पूर्व से ही क्वारंटाइन रूम को गेट नंबर 2 के पास बनाया गया है। यह कमरा पूरी तरह से रोशनी विहीन रहता हैं, इस कमरें में रखे गए वन्यप्राणी की झलकिया ही दिखती है। यहां डॉक्टर, कर्मचारी के अलावा आस पास कोई नही जा सकता है।
न्यूयॉर्क सिटी के ब्रोंक्स जू में टाइगर में दिखा था
कोरोना का संक्रमण..

मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में स्थित ब्रोंक्स जू में एक टाइगर कोरोना वायरस (कोविड-19) पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद भारतीय केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से अलर्ट जारी करते हुए देशभर के चिड़ियाघरों को सलाह दी गई, कि वे किसी भी असामान्य लक्षण और व्यवहार के लिए सीसीटीवी के माध्यम से 24 घन्टे जानवरों की निगरानी करें। जिसके मद्देनजर कानन पेंडरी ने दूसरे राज्यों से रेस्क्यू कर लाए हुए वन्यप्राणीयों को क्वारंटाइन में रखा गया है।
यह वन्य प्राणी है। कानन पेंडारी के क्वारंटाइन सेंटर में..
वन्यप्राणी का नाम – कहा से लाए गए
तेन्दूआ (बलदेव) – इंद्रावति बीजापुर, कांकेर
तेंदूआ (बहादूर) – इंद्रावति बीजापुर, कांकेर
तेंदूआ (मिल्खा) – खुडिंयां अचानकमार टाईगर रिजर्व
टाईग्रेस (रागनी) – जंगल सफारी रायपुर
भालू (राजा) – मनेद्रगढ़, अंबिकापुर
तेंदूआ (जय) – नरायणपुर, जांजगीर चांपा
तेंदूओ (चारु) – चरामा कांकेर
कोटरी (3) – कानन पेंडारी
सफेद मयूर – ग्वालियर जू. इंदौर