
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – कोरोना वायरस और मानवता के बीच छिड़ी इस जंग में योद्धा की भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्ता युक्त सुरक्षा कवच ही नही दिया जा रहा है। जिससे कोरोना संक्रमण से आम जनता को बचाने वाले इन योद्धा अब खुद को इससे बचाने असहाय महसूस कर रहे है। जिसको लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर के मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारियों से विनम्र अपील की है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम स्वास्थ्य महकमे के ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। ताकि कोरोना संक्रमित होने के भय से उठकर स्वास्थ्य कर्मी मैदानी स्तर पर काम कर सके।
संघ ने वर्त्तमान में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विभाग द्वारा की जा रही व्यवस्था से असंतोष जताते हुए कहा है कि नोवेल कोरोना वायरस रोग ( covID – 19 ) के सेंपल कलेक्शन का कार्य मेडिकल लेब टेक्नोलॉजिस्ट द्वारा संपादित किया जा रहा है। जिन्हें वर्तमान में कोरोना वायरस जांच के सेंपल कलेक्शन करने हेत मेडिकल लेब टेक्नोलॉजिस्ट को मानक स्तर का अनुशंसित पीपीई किट ( Anti Virus Protection PPE Kit ) उपलब्ध ना कराते हुए सामान्य डिलिवरी किट प्रदान की जा रही है। जबकि मानकों की माने तो इस रोग की संक्रामकता को देखते हए इसके सैंपल परीक्षण केवल बायोसेफ्टी लेवल – 4 ( BSL – 4 ) प्रयोगशाला में ही अनुशंसित है।
ऐसे में सामान्य डिलिवरी किट के साथ मेडिकल लेब टेक्नोलॉजिस्ट द्वारा लिए जा रहे सेंपल से कोरोना के संक्रमण से कर्मियों के भी ग्रसित होने की संभावना है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वाकई में कोरोना जैसे घातक बीमारी से प्रदेश के योद्धा बिना पुख्ता इंतजाम के लड़ाई लड़ रहे है? अगर यह सही है! तो स्वास्थ्य विभाग इस लेकर संजीदगी क्यो नही दिखा रहा है? क्या इन सब के पीछे कुछ और वजह छुपी है। जिससे प्रदेश के हुक्मरान अब भी अनभिज्ञ है?