
बिलासा कॉलेज की इन छात्राओं ने वृद्ध आश्रम पहुंचकर पूजा अर्चना की और बुजुर्गों की आरती उतारकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
गुरुवार 14 फरवरी को जहां युवा पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित वैलेंटाइन डे की खुमारी में डूबे हुए थे तो वही भारतीय सभ्यता को समझने और मानने वालों ने इस दिन मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया । इसके पीछे भी पौराणिक कहानी जुड़ी हुई है । शिवपुत्र गणेश और कार्तिकेय में कौन बड़ा , इसका फैसला करने के लिए जब सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा करने की शर्त रखी गई तो बुद्धि के देवता गणेश जी ने अपने माता पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं और पूरी दुनिया उन्हीं के चरणों में निहित है। उसी परंपरा का पालन करते हुए 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया जाता है। बिलासपुर के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं इस दिन अपने माता पिता के पास तो नहीं पहुंच पाई लेकिन इस कमी को पूरा करने छात्राएं मसानगंज स्थित कल्याण कुंज वृद्धाश्रम पहुंची। माता पिता तुल्य बुजुर्गों की पूजा कर छात्राओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

बिलासा कॉलेज की इन छात्राओं ने वृद्ध आश्रम पहुंचकर पूजा अर्चना की और बुजुर्गों की आरती उतारकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मातृ पितृ पूजन दिवस के अवसर पर छात्राओं ने आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को फल का वितरण किया। एकाकी जीवन जीने को शापित इन बुजुर्गों के जीवन में एक शीतल बयार की तरह पहुंची इन छात्राओं को अपने बीच पाकर उनकी आंखें छलक आई। आंखों में खुशी के आंसू लिए बुजुर्गों ने छात्राओं के सर पर हाथ फेरते हुए मन की गहराई से आशीर्वाद दिया और आगे भी आश्रम आते रहने का आग्रह किया। अपने बीच इन बेटियों को पाकर परिवार की याद ताजा हो गई और बुजुर्गों ने छात्राओं को समोसे खिला कर खुश कर दिया। कल्याण कुंज आश्रम पहुंचकर एक अलग ही अंदाज में मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने वालों में मेघा तिवारी, कंचन पांडे, अंकिता पांडे ,हेमलता, शिखा सोनी ,आरती और श्रेया सोनी शामिल थी, जो अपने साथ कभी ना भूलने वाला अनुभव लेकर लौटी।
