
रमेश राजपूत

बिलासपुर- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को स्वतः संज्ञान में लेते हुए हाई कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्रधिकरण को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अथवा द्वितीय श्रेणी की अदालत में चल रहे मामलो के विचाराधीन बंदियों जिन्हें सात वर्ष या इससे कम की सजा का प्रावधान है व् बंदी पिछले तीन माह से जेल में बंद है। उन्हें चिन्हाकित कर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के अध्यक्ष एन डी तिगाला ने जिले के 43 विचाराधीन बंदियों की पहचान कर उन्हे अंतरिम जमानत पर रिहा किया है। प्रधिकरण ने कलेक्टर व् पुलिस अधीक्षक को रिहा होने वाले बंदियों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सचिव ब्रजेश राय ने दी है।