
उदय सिंह

बिलासपुर संभागायुक्त टी.सी.महावर ने अपने कार्यालय में संभाग के सभी कलेक्टर्स और जिला पंचायत सीईओ की बैठक ली। बैठक में श्री महावर ने कहा कि मानसून के आने से पहले ही वृक्षारोपण की तैयारी कर लें। श्री महावर ने सामुदायिक सहभागिता से नदियों के तट पर, तालाब के किनारे, मेढ़ के किनारे और सड़को के किनारे वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फलदार और छायादार पौधे अधिक से अधिक लगायें। जिनमें आम, नीम, करंज, कदम, पीपल के पौधे पर्यावरण के लिये अत्यधिक फायदेमंद होते हैं। वृक्षारोपण के समय नागरिकों की भी सहभागिता लें और उन्हें वृक्षों को सहेजने की जिम्मेदारी दें। श्री महावर ने भू-जल स्तर बढ़ाने के लिये रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रैन वाटर हार्वेस्टिंग से भू-जल स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। जिससे भविष्य में पेयजल की समस्या रोकी जा सकती है।

बैठक में श्री महावर ने राजस्व मामलों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिये। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र निश्चित समय सीमा में जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिये। श्री महावर ने कलेक्टरों से कहा कि वे लगातार छात्रावास, आश्रम, पीडीएस दुकान, मध्यान्ह भोजन, शिक्षकों की उपस्थिति एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें।
बैठक में नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी की प्रगति पर चर्चा की गई। संभागायुक्त ने नरवा के अधूरे कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने संभाग के सभी जिलों के गोठान की प्रगति के बारे में जानकारी ली और कुल स्वीकृत संख्या एवं प्रगतिरत कार्याें के बारे में पूछा। बैठक में बताया गया कि बिलासपुर में 97, रायगढ़ में 114, जांजगीर में 141, कोरबा में 88 और मुंगेली में 72 गोठानों का निर्माण किया जा रहा है। श्री महावर ने निर्देश दिये कि सभी गोठानों में चारा, पानी, छाया और फेंसिंग की समुचित व्यवस्था करें और शेड का कार्य प्राथमिकता पर करें। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणो को निर्धारित समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिये।

बैठक में सीसीएफ श्री एच.एल.रात्रे, बिलासपुर कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग, कोरबा कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, जांजगीर कलेक्टर श्री नीरज बंसोड़, मुंगेली कलेक्टर श्री सर्वेश्वर भूरे, अपर आयुक्त श्रीमती फरिहा आलम सिद्दिकी एवं सभी जिला पंचायत के सीईओ उपस्थित रहे।