
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शहर में चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब मामूली विवाद भी जानलेवा हमले में बदलने लगे हैं। ताजा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित लखीराम ऑडिटोरियम के पास का है, जहां शुक्रवार की देर शाम भेल खाने के दौरान युवकों के दो गुटों में हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में तीन युवक घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार आदित्य प्रताप श्रीवास अपने दो दोस्तों के साथ ऑडिटोरियम के पास भेल खाने पहुंचा था। उसी समय वहां पहले से मौजूद युग मिश्रा, वेदांत गुप्ता, निखिल नागवानी और उनका एक अन्य साथी भी भेल खा रहे थे। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने लगी। तभी स्थिति अचानक हिंसक हो गई। आरोप है कि एक पक्ष ने चाकू निकाल लिया और आदित्य प्रताप श्रीवास तथा उसके दोस्तों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में आदित्य गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके दो अन्य साथियों को भी चाकू लगने से चोटें आई हैं।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल आदित्य का इलाज किम्स अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आदित्य प्रताप श्रीवास कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के बेटे है, जिससे इस घटना को लेकर शहर में काफी चर्चा और हड़कंप की स्थिति है। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ती चाकूबाजी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन मामूली विवादों में हथियारों का इस्तेमाल होना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।