
पुलिस का दावा है कि इकबालिया बयान के साथ हत्या में प्रयुक्त चाकू और हत्या का गवाह भी उसके पास मौजूद है इसलिए हत्यारा अक्षत अदालतों में भी बच नहीं पाएगा

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
करीब 5 दिन तक पुलिस को खूब छकाने के बाद शुभम हत्याकांड का आरोपी अक्षत श्रीवासन पुलिस के हाथ लग गया ।बुधवार को बिलासपुर पुलिस अक्षत को लेकर बिलासपुर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी प्रेस को दी ।लगभग सभी अपराधों के पीछे जर, जमीन और जोरू की ही भूमिका होती है। शुभम हत्याकांड भी इसका अपवाद नहीं था ।दोनों दोस्तों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद था और इसी वजह से चाकू से अक्षत ने शुभम केसरवानी की हत्या कर दी थी। शुभम और अक्षत पार्टनरशिप में बिजनेस करते थे, इसके अलावा शुभम ने अपनी बाइक गिरवी रखकर अक्षर से 35000 रुपये उधार लिए थे ।शुभम खुद तेंदूपत्ता व्यवसायी का बेटा था तो वहीं आरोपी अक्षत भी रिटायर्ड जज का बेटा है बड़े घरानों से होने के बावजूद पैसों के लिए एक की जान चली गई और दूसरा सलाखों के पीछे पहुंच गया । गुरुवार की रात अपने दोस्तों के साथ अक्षत और शुभम ने भी शराब पी थी । शुभम घर लौट चुका था लेकिन अक्षत ने उसे वापस बुला लिया। मामले का संवेदनशील पहलू यह है कि अक्षत शुभम की बीमार मां को खून देने घर से निकला था और अक्षत ने उसका खून कर दिया। खून तो शुभम को देना ही था लेकिन इस तरह सड़क पर उसका ही दोस्त उसका खून, कुछ इस तरह बहायेगा,ये तो उसने कल्पना भी नहीं की थी।
14 मार्च को रिंग रोड क्रमांक 2 में तड़के लोगों ने शुभम की खून से लथपथ लाश देखी थी। इसके बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी। इस हाई प्रोफाइल मामले में आरोपी के ना पकड़े जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ रहा था और फिर मामले में खुद विधायक शैलेश पांडे ने दिलचस्पी ली। जिसके बाद एसआईटी का भी गठन किया गया और 10000 रूपये के इनाम का भी ऐलान हुआ।पुलिस की टीम बनाकर अलग-अलग लोकेशन पर भेजे गए। पता चला कि हत्या को अंजाम देने के बाद अक्षत पहले रायपुर भाग गया। फिर रायगढ़ और उड़ीसा जाकर छिप गया। इस दौरान वह अखबारों के माध्यम से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुये था और लगातार ठिकाना बदल रहा था। वही उसने बिलासपुर जिला सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई थी, लेकिन उसके खारिज होने के डर से खुद ही याचिका वापस भी ले ली। पुलिस उसके वकील और परिजनों पर निगाह जमाई हुई थी। इसी बीच 19 मार्च को शुभम ने अपना मोबाइल ऑन किया तो साइबर सेल को रायगढ़ के उसके लोकेशन का पता चल गया ।रायगढ़ में चक्रधर नगर थाने के पास से शुभम को हिरासत में ले लिया गया जहां से उसे सिविल लाइन थाना लेकर पुलिस पहुंची। अक्षत ने बताया कि उस रात पैसों के लेनदेन पर विवाद होने के बाद उसने ही शुभम की हत्या कर दी थी और हत्या में प्रयुक्त चाकू को घटनास्थल के पास ही बाउंड्री वॉल के पीछे फेंक दिया था। जिसे अक्षत की निशानदेही पर पुलिस ने जप्त कर लिया है । रईसजादे अक्षत ने बिना सोचे समझे हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया ।उसे लगा कि अपने पैसे और रसूख के बल पर उसका कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा। लेकिन 5 दिन भागे भागे फिरने के बाद उसका हिम्मत जवाब देने लगा था और परेशानी के आलम में वह पुलिस द्वारा दबोच लिया गया। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड के खुलासे से पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस का दावा है कि इकबालिया बयान के साथ हत्या में प्रयुक्त चाकू और हत्या का गवाह भी उसके पास मौजूद है ।इसलिए हत्यारा अक्षत अदालतों में भी बच नहीं पाएगा।